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औद्योगिक क्षेत्रों की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को मिले वरीयता: मंजीत सिंह
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कठुआ। जम्मू और कश्मीर के औद्योगिक क्षेत्र में कुशल और अकुशल दोनों श्रेणियों में स्थानीय लोगों के लिए नौकरियों को आरक्षित करने की अपनी पार्टी ने मांग की है।
कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रांतीय प्रधान व पूर्व मंत्री मंजीत सिंह ने कहा कि वह नई औद्योगिक नीति का स्वागत करते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में आशंका है कि इससे पैदा होने वाली नौकरियों में बाहरी लोगों को हिस्सा मिलेगा। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि औद्योगिक क्षेत्र में पैदा होने वाले नौकरियों के अवसर में स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाए। इस मौके पर उन्होंने पार्टी का दामन थामने वाले दर्जनों नए कार्यकर्ताओं का फूलमाला पहना कर स्वागत किया।
सम्मेलन के दौरान मंजीत सिंह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव से पूर्व लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए उनके बीच काम करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपनी पार्टी जम्मू-कश्मीर में सत्ता में आने के बाद लोगों से किए गए अपने वादों को पूरा करेगी। पार्टी उन लोगों से अलग है जो वोट बैंक के लिए झूठे और खोखले नारों से जनता को गुमराह करते हैं।
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उन्होंने कहा कि सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी और लोगों से किए वादों को पूरा करेगी। पार्टी लोगों के बुनियादी मुद्दों से कभी समझौता नहीं करेगी। और, जब तक उन्हें पूरा नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में और देरी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, इससे पहले ही लोगों में गुस्सा पैदा हो चुका है। जनता के साथ अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैए के कारण लोग प्रशासन से संतुष्ट नहीं हैं।
मंजीत सिंह ने कहा कि आज आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान को छू चुके हैं और लोगों को कोई राहत नहीं है। लोग जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे के खिलाफ भी हैं। सरकार को समझना चाहिए कि लोग राज्य का दर्जा वापस चाहते हैं। इस बार दोनों क्षेत्र राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए एकजुट हैं। जिसे जम्मू-कश्मीर से छीन लिया गया था।
कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय सम्मेलन में जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक प्रेम लाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है और कठुआ को इस संबंध में उपेक्षित किया गया है। कोरोना की स्थिति ने जिले में व्यापार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। इससे क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी है। सम्मेलन में प्रांतीय सचिव डॉ. रोहित गुप्ता, अपनी ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष एजाज काजमी, अनुसूचित जाति के राज्य समन्वयक बोध राज भगत, पूर्व विधायक फकीर नाथ ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। इस मौके पर अपनी पार्टी के नेता शंकर सिंह चिब, रणधीर सिंह रायपुरा, पुरुषोत्तम दास, इकबाल कृष्ण, सतपाल, खजूर सिंह, खेम राज शर्मा, बोध राज और अन्य शामिल थे।
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कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रांतीय प्रधान व पूर्व मंत्री मंजीत सिंह ने कहा कि वह नई औद्योगिक नीति का स्वागत करते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में आशंका है कि इससे पैदा होने वाली नौकरियों में बाहरी लोगों को हिस्सा मिलेगा। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि औद्योगिक क्षेत्र में पैदा होने वाले नौकरियों के अवसर में स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाए। इस मौके पर उन्होंने पार्टी का दामन थामने वाले दर्जनों नए कार्यकर्ताओं का फूलमाला पहना कर स्वागत किया।
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सम्मेलन के दौरान मंजीत सिंह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव से पूर्व लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए उनके बीच काम करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अपनी पार्टी जम्मू-कश्मीर में सत्ता में आने के बाद लोगों से किए गए अपने वादों को पूरा करेगी। पार्टी उन लोगों से अलग है जो वोट बैंक के लिए झूठे और खोखले नारों से जनता को गुमराह करते हैं।
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उन्होंने कहा कि सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी और लोगों से किए वादों को पूरा करेगी। पार्टी लोगों के बुनियादी मुद्दों से कभी समझौता नहीं करेगी। और, जब तक उन्हें पूरा नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में और देरी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, इससे पहले ही लोगों में गुस्सा पैदा हो चुका है। जनता के साथ अधिकारियों के गैर-जिम्मेदार रवैए के कारण लोग प्रशासन से संतुष्ट नहीं हैं।
मंजीत सिंह ने कहा कि आज आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान को छू चुके हैं और लोगों को कोई राहत नहीं है। लोग जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे के खिलाफ भी हैं। सरकार को समझना चाहिए कि लोग राज्य का दर्जा वापस चाहते हैं। इस बार दोनों क्षेत्र राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए एकजुट हैं। जिसे जम्मू-कश्मीर से छीन लिया गया था।
कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय सम्मेलन में जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक प्रेम लाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है और कठुआ को इस संबंध में उपेक्षित किया गया है। कोरोना की स्थिति ने जिले में व्यापार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। इससे क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी है। सम्मेलन में प्रांतीय सचिव डॉ. रोहित गुप्ता, अपनी ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष एजाज काजमी, अनुसूचित जाति के राज्य समन्वयक बोध राज भगत, पूर्व विधायक फकीर नाथ ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। इस मौके पर अपनी पार्टी के नेता शंकर सिंह चिब, रणधीर सिंह रायपुरा, पुरुषोत्तम दास, इकबाल कृष्ण, सतपाल, खजूर सिंह, खेम राज शर्मा, बोध राज और अन्य शामिल थे।