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Kathua News: जीएमसी के ब्लड बैंक में 1,200 यूनिट भंडारण क्षमता के सापेक्ष मात्र 35 प्रतिशत की उपलब्धता

Sat, 14 Jun 2025 01:55 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Sat, 14 Jun 2025 01:55 AM IST
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Less Blood Donation in kathua
कठुआ। हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है, ताकि रक्तदान के महत्व को समझकर अधिकतम लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा सके। इसके तहत कई जगह होने वाले जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद रक्तदान के प्रति रुचि अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है।
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जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान जीएमसी में 1,200 यूनिट भंडारण क्षमता वाला ब्लड बैंक उपलब्ध होने के बावजूद रक्त की उपलब्धता मात्र 30 से 35 प्रतिशत तक सीमित है। ऐसे में रक्त की आवश्यकता को पूरा कर पाना चुनौती बना हुआ है।
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कुल 700 इंडोर मरीजों की क्षमता वाले जीएमसी में हर माह करीब 200 मरीजों को रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है लेकिन पर्याप्त रक्तदाता न मिलने के कारण कई मरीजों को स्वयं रक्तदाता की तलाश करनी पड़ती है।
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रक्तदान के लाभ एवं चिकित्सकीय सलाह
रक्तदान न केवल दूसरों की जान बचाता है, बल्कि स्वयं रक्तदाता के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे रक्त संचार में सुधार होता है। नियमित रक्तदान से शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है। रक्तदान से आयरन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। सबसे खास किसी की जान बचाने की भावना व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रसन्न और संतोषजनक अनुभव प्रदान करती है। 18-65 वर्ष आयु का हर सेहतमंद व्यक्ति हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकता हैं। रक्तदान से किसी भी प्रकार की कमजोरी या शारीरिक हानि नहीं होती, बल्कि यह शरीर को और अधिक स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है।


रक्तदान की मिसाल : जेके ब्लड डोनर्स एंड वेलफेयर सोसायटी
रक्तदान को सामाजिक सेवा के रूप में अपनाने की प्रेरणा से वर्ष 2017 में जेके ब्लड डोनर्स एंड वेलफेयर सोसायटी की स्थापना की गई। मलकीत सिंह, संदीप मजोत्रा, अरुण शर्मा, अभिनव शर्मा, गगनप्रीत सिंह, अमनप्रीत सिंह, हरविंदर सिंह और अमन चौधरी आदि युवाओं ने इसकी शुरुआत की थी। इनका उद्देश्य स्वयं रक्तदान कर समाज में भी रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी रहा। विशेष रूप से युवाओं को इस कार्य में शामिल किया गया। इस सोसायटी ने रक्तदाताओं को प्रोत्साहित किया, जिससे 872 रक्तदाताओं ने रक्तदान करने का निर्णय लेकर इसके लिए अपना पंजीकरण करवाया। मिलिट्री अस्पताल सतवारी, जीएमसी जम्मू, जिला अस्पताल सांबा और जीएमसी कठुआ में रक्त भंडारण की जरूरत के अनुसार दान किया गया। इसके लिए 52 रक्तदान शिविर, 118 रक्तदाता पंजीकरण शिविर और लगभग 200 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन प्रयासों के माध्यम से समाज के सहयोग से 10,000 से अधिक यूनिट रक्त जुटाया गया है, जिससे कई जरूरतमंदों को जीवनदान मिला है। सोसायटी की कोर टीम में 20 सक्रिय सदस्य हैं, जो इस सेवा को आगे बढ़ा रहे हैं। करीब 4,000 रक्तदाता सोसायटी के साथ जुड़कर ऑन-कॉल उपलब्ध रहते हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंदों की मदद होती है। यह सोसायटी गरीब बेटियों की शादी, बेघर परिवारों की सहायता, बच्चों की शिक्षा और जरूरतमंदों को राशन सेवा जैसी सामाजिक कार्यों में भी योगदान दे रही है।



ब्लड बैंक की कमी को पूरा करने और जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए नागरिकों को जागरूक होने की जरूरत है। लिहाजा लोग रक्तदान करें और लोगों के कीमती जीवन बचाने में अपना योगदान दें। क्योंकि इस दिशा में अधिक सक्रिय पहल और सामुदायिक सहयोग से कठुआ जिले में रक्तदान की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है। - डॉ. दीपक शर्मा, जीएमसी, कठुआ।
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