{"_id":"68813f044f82922e24064d01","slug":"kathua-news-court-news-bail-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-122187-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: रास्ता रोककर चोट पहुंचाने के मामले में आरोपी को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: रास्ता रोककर चोट पहुंचाने के मामले में आरोपी को जमानत
Thu, 24 Jul 2025 01:29 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 24 Jul 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीरानगर ने रास्ता रोककर चोट पहुंचाने के मामले में आरोपी को जमानत सुनाई है। आदेश के अनुसार आरोपी को जमानत के लिए न्यायालय के समक्ष 15 हजार के जमानती बांड सहित समान राशि का व्यक्तिगत मुचलके प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा आरोपी को कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना न्यायालय के क्षेत्रीय अधिकार से बाहर नहीं जाने, जांच अधिकारी के बुलाया जाने पर उसके आगे प्रस्तुत होना, मुकदमे की सुनवाई के दौरान उपस्थित होने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करने का आदेश दिया है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार आरोपी विजय सिंह निवासी लोअर ढल्ली हीरानगर पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता का बीते महीने गलत इरादे से रास्ता रोका और जानबूझकर चोट पहुंचाई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत पुलिस थाना हीरानगर में की थी। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपी के वकील ने बीते महीने 4 जुलाई को याचिका दायर कर आरोपी की जमानत की मांग की। उन्होंने कहा कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और प्रतिवादी ने उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया है। लिहाजा आवेदक को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। आवेदक समाज के एक सम्मानित व्यक्ति हैं और वह जमानत के लिए कोर्ट की हर तरह की शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर जमानत का विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि मामले की जांच चल रही है और यदि इस स्तर पर अभियुक्त को जमानत मिलती है तो अभियुक्त साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने जमानत की अपील को खारिज करने की मांग की।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि यह स्थापित कानून है कि जमानत के लिए आवेदन पर विचार करते समय निम्नलिखित मानदंडों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत का आदेश दिया।
विज्ञापन
इसके अलावा आरोपी को कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना न्यायालय के क्षेत्रीय अधिकार से बाहर नहीं जाने, जांच अधिकारी के बुलाया जाने पर उसके आगे प्रस्तुत होना, मुकदमे की सुनवाई के दौरान उपस्थित होने और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार आरोपी विजय सिंह निवासी लोअर ढल्ली हीरानगर पर आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता का बीते महीने गलत इरादे से रास्ता रोका और जानबूझकर चोट पहुंचाई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत पुलिस थाना हीरानगर में की थी। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपी के वकील ने बीते महीने 4 जुलाई को याचिका दायर कर आरोपी की जमानत की मांग की। उन्होंने कहा कि उसका मुवक्किल निर्दोष है और प्रतिवादी ने उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया है। लिहाजा आवेदक को पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। आवेदक समाज के एक सम्मानित व्यक्ति हैं और वह जमानत के लिए कोर्ट की हर तरह की शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर जमानत का विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि मामले की जांच चल रही है और यदि इस स्तर पर अभियुक्त को जमानत मिलती है तो अभियुक्त साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने जमानत की अपील को खारिज करने की मांग की।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि यह स्थापित कानून है कि जमानत के लिए आवेदन पर विचार करते समय निम्नलिखित मानदंडों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत का आदेश दिया।