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Kathua News: जागरूकता ही साइबर क्राइम से बचाव है
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हीरानगर। गिरधारी लाल डोगरा मेमोरियल डिग्री कॉलेज में शनिवार को कंप्यूटर विभाग की ओर से ‘साइबर क्राइम से कैसे बचा जाए’ विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एसएसपी आरसी कोतवाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने मौजूद छात्रों को साइबर क्राइम से बचने की कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। साथ ही उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर क्राइम से बचाव है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट के बहुत से फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी है। थोड़ी सी जागरूकता से नुकसान से बचा जा सकता है। पढ़े-लिखे युवा फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन बहुत से ऐसे हैं जो अपने अकाउंट की प्राइवेसी को लेकर जागरूक नहीं हैं, जिस वजह से उनकी डीपी से फोटो चुराकर कोई उनके नाम से आईडी बना कर गलत इस्तेमाल करता है।
उन्होंने कहा प्राइवेसी में प्रोफाइल लॉक की एक ऑप्शन रहती है जिसे क्लिक करने से कोई भी आपकी डीपी सेव नहीं कर सकता है। बस इतनी सी समझदारी आपको बड़े फ्रॉड से बचा सकती है। इसी तरह आपके बैंक अकाउंट की केवाईसी संबंधित कोई कॉल आती है तो उससे ओटीपी शेयर न करें, व्हाट्सएप या फेसबुक पर हाय हेलो का जवाब उन्हें न दें जिन्हें आप नहीं जानते हैं। अपने किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उन्हें दोस्तों की रिक्वेस्ट मंजूर करें जिन्हें आप जानते हैं। अंजान लोगों की ओर से की जाने वाली वीडियो कॉल का भी जबाब न दें। उन्होंने कहा कि यह छोटे-छोटे टिप्स आपको कई बड़ी मुसीबतों से बचा सकते हैं और साइबर क्राइम से बचने का जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। इस मौके पर विभाग के एचओडी सुज्जाद खान, कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. प्रज्ञा खन्ना, बॉर्डर डीएसपी पंकज सूदन, एसएचओ सुनील शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इंटरनेट के बहुत से फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी है। थोड़ी सी जागरूकता से नुकसान से बचा जा सकता है। पढ़े-लिखे युवा फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन बहुत से ऐसे हैं जो अपने अकाउंट की प्राइवेसी को लेकर जागरूक नहीं हैं, जिस वजह से उनकी डीपी से फोटो चुराकर कोई उनके नाम से आईडी बना कर गलत इस्तेमाल करता है।
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उन्होंने कहा प्राइवेसी में प्रोफाइल लॉक की एक ऑप्शन रहती है जिसे क्लिक करने से कोई भी आपकी डीपी सेव नहीं कर सकता है। बस इतनी सी समझदारी आपको बड़े फ्रॉड से बचा सकती है। इसी तरह आपके बैंक अकाउंट की केवाईसी संबंधित कोई कॉल आती है तो उससे ओटीपी शेयर न करें, व्हाट्सएप या फेसबुक पर हाय हेलो का जवाब उन्हें न दें जिन्हें आप नहीं जानते हैं। अपने किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उन्हें दोस्तों की रिक्वेस्ट मंजूर करें जिन्हें आप जानते हैं। अंजान लोगों की ओर से की जाने वाली वीडियो कॉल का भी जबाब न दें। उन्होंने कहा कि यह छोटे-छोटे टिप्स आपको कई बड़ी मुसीबतों से बचा सकते हैं और साइबर क्राइम से बचने का जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। इस मौके पर विभाग के एचओडी सुज्जाद खान, कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. प्रज्ञा खन्ना, बॉर्डर डीएसपी पंकज सूदन, एसएचओ सुनील शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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