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Kathua News: मशरूम की खेती करने के लिए किया प्रेरित
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कठुआ। ‘माई टाउन माई प्राइड’ कार्यक्रम के तहत कृषि उत्पादन और किसान कल्याण विभाग द्वारा राजकीय डिग्री कॉलेज में व्हाइट बटन मशरूम की खेती पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कॉलेज के कैरियर काउंसिलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने किया।
इस मौके पर प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को इस प्रकार के कौशल को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वरोजगारी बनाने में ऐसी कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण है, जो कि नई शिक्षा नीति-2020 की भी मांग है। उन्होंने कैरियर काउंसिलिंग एवं प्लेसमेंट सेल के संयोजक एवं सदस्यों को इस तरह के आयोजन करने के लिए बधाई दी। सेल इस तरह के करियर के आयोजन में लगातार शामिल रहे ताकि छात्र नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी सृजक बन सकें।
कार्यक्रम के वक्ता रजनीश सिंह ने विभिन्न पर्यावरणीय कारकों पर प्रकाश डाला जिन्हें मशरूम की खेती करते समय स्थापित करने की आवश्यकता होती है। वहीं प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के भी जवाब दिए गए। मशरूम की खेती के विशेषज्ञ विनय गुप्ता ने मशरूम की खेती में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न तकनीकी से विद्यार्थियों को परिचित कराया। इस अवसर पर बोलते हुए कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कमल भगत ने विद्यार्थियों को मशरूम की खेती के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें कृषि विभाग की ओर से युवाओं को मशरूम की खेती के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को सहकारी समितियां बनाकर और अपने स्वयं के ब्रांड बनाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में रसायन विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. पंकज गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को अपने क्षेत्र में मशरूम की किचन गार्डनिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला का समापन डॉ. अनुपमा अरोड़ा, रसायन विज्ञान में एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया। इस मौके पर करियर काउंसिलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के संयोजक प्रो. राकेश सिंह, प्रो. जसविंदर सिंह, आईक्यूएसी समन्वयक, प्रोफेसर राज किरण शर्मा, उप कुलसचिव, सहकारी समिति विनय गुप्ता, कृषि विस्तार सहायक, राजिंदर सिंह, डॉ. पंकज गुप्ता, डॉ. अनुपमा अरोड़ा, डॉ. रचना, प्रो. नेहा महाजन, प्रो. रेणु, प्रोफेसर राहुल, प्रोफेसर नताशा सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को इस प्रकार के कौशल को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वरोजगारी बनाने में ऐसी कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण है, जो कि नई शिक्षा नीति-2020 की भी मांग है। उन्होंने कैरियर काउंसिलिंग एवं प्लेसमेंट सेल के संयोजक एवं सदस्यों को इस तरह के आयोजन करने के लिए बधाई दी। सेल इस तरह के करियर के आयोजन में लगातार शामिल रहे ताकि छात्र नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी सृजक बन सकें।
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कार्यक्रम के वक्ता रजनीश सिंह ने विभिन्न पर्यावरणीय कारकों पर प्रकाश डाला जिन्हें मशरूम की खेती करते समय स्थापित करने की आवश्यकता होती है। वहीं प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के भी जवाब दिए गए। मशरूम की खेती के विशेषज्ञ विनय गुप्ता ने मशरूम की खेती में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न तकनीकी से विद्यार्थियों को परिचित कराया। इस अवसर पर बोलते हुए कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कमल भगत ने विद्यार्थियों को मशरूम की खेती के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें कृषि विभाग की ओर से युवाओं को मशरूम की खेती के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को सहकारी समितियां बनाकर और अपने स्वयं के ब्रांड बनाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में रसायन विज्ञान के सहायक प्राध्यापक डॉ. पंकज गुप्ता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को अपने क्षेत्र में मशरूम की किचन गार्डनिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यशाला का समापन डॉ. अनुपमा अरोड़ा, रसायन विज्ञान में एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया। इस मौके पर करियर काउंसिलिंग एंड प्लेसमेंट सेल के संयोजक प्रो. राकेश सिंह, प्रो. जसविंदर सिंह, आईक्यूएसी समन्वयक, प्रोफेसर राज किरण शर्मा, उप कुलसचिव, सहकारी समिति विनय गुप्ता, कृषि विस्तार सहायक, राजिंदर सिंह, डॉ. पंकज गुप्ता, डॉ. अनुपमा अरोड़ा, डॉ. रचना, प्रो. नेहा महाजन, प्रो. रेणु, प्रोफेसर राहुल, प्रोफेसर नताशा सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
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