कठुआ। कठुआ जिले में शराब की दुकानों पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। कायदे से (एमआरपी) मैक्सीमम रिटेल प्राइस से अधिक रुपये किसी भी हालत में नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बाद भी प्राय: सभी शराब की दुकानों पर हर बोतल पर अधिकतम तय दाम (एमआरपी) से भी पचास रुपये से सौ रुपये तक अधिक वसूली की जा रही है। विभाग भी कार्रवाई करने से परहेज करता है। यह आरोप आबकारी विभाग के ईटीओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए लोगों ने लगाए।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि जिले में हर शराब की दुकान पर मनमानी जारी है। आम लोगों को लूटा जा रहा है और आबकारी विभाग चुप्पी साधे बैठा है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने के बाद प्रदेश को नशे का अड्डा बना दिया गया है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर के शराब माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है, जो गरीब लोगों को लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दुकानों पर शराब के बिल नहीं दिए जाते। हर बोतल के पीछे पचास से सौ रुपये अधिक वसूले जाते हैं। कहा कि यदि आबकारी विभाग संलिप्त नहीं है तो कार्रवाई से क्यूं परहेज करता है। पम्मा ने कहा कि शराब की बोतल पर लिखी कीमत से अधिक वसूले जाने पर भी कार्रवाई न करना अधिकारियों की मिलीभगत दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों में शामिल शैंकी शर्मा, सब दयाल, भरत कुमार, तिलक राज, जनक राज आदि ने कहा कि विभाग शिकायत करने को कहता है, जबकि शराब विक्रेता बिल ही जारी नहीं करता है। शिकायत करने के लिए कार्यालय पहुंचें तो अधिकारी नहीं मिलते हैं। ऐसे में यह साफ है कि शराब विक्रेताओं को लाभ देने के लिए विभाग ने आंखें मूंदी हुई हैं। उधर, आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में पहले जब भी शिकायत आई है कार्रवाई की जाती है। शिकायतकर्ता या तो सामने नहीं आते या फिर लिखित में शिकायत नहीं देते। न ही यह बताया जाता है कि किस दुकान पर अधिक वसूली की जा रही है। लोगों की सहूलियत के लिए दुकानों के बाहर अधिकारियों के नंबर प्रदर्शित करवाए गए हैं, साथ ही एमआरपी भी प्रदर्शित की गई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।