{"_id":"636fe6de800dfa32aa4bfb80","slug":"kathua-kathua-news-jmu272144830","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएपी के लिए बीज और नैनो खाद खरीदने को किया जा रहा बाध्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएपी के लिए बीज और नैनो खाद खरीदने को किया जा रहा बाध्य
विज्ञापन
नगरी तहसील कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते किसान। संवाद
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। रबी सीजन की अर्ली वैराइटी की बुआई से पहले अंधड़ के इलाके में किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया है। नगरी तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने आरोप लगाया है कि उन्हें डीएपी खाद खरीदने के लिए डीलरों की ओर से जबरन बीज और नैनो खाद खरीदने को बाध्य किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि डीएपी के निधार्रित 1350 मूल्य से अधिक वसूले जा रहे हैं। उधर, किसानों के प्रदर्शन के बाद कृषि विभाग का प्रवर्तन विंग हरकत में आ गया है। डीलरों को दो टूक चेतावनी जारी कर दी गई है कि किसी भी सूरत में अधिक वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न ही डीलर किसानों को बीज या नैनो खाद खरीदने के लिए बाध्य कर सकते हैं। ऐसे में डीलरों को लाइसेंस रद्द करने के संबंध में भी चेताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इफ्को की ओर से डीएपी के साथ डीलरों को नैनो खाद भी उपलब्ध करवाई जा रहे है। ऐसे में डीलर भी नैनो खाद को खपाने के लिए किसानों को डीएपी के साथ इसे लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जबकि कायदे से ऐसा करने की जगह उन्हें इसके फायदे बताकर केवल जागरूक किया जा सकता है। किसान की अपनी मर्जी है कि वो इसे ले या नहीं।
तहसील कार्यालय के बाहर रोष प्रकट कर रहे किसानों में शामिल तरसेम सैनी ने बताया कि नैनो यूरिया और बीज जबरन थोपा जा रहा है। सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। कृषि विभाग के इंफोर्समेंट विंग की ओर से नियमित जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक वसूलकर किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी से जांच करने की मांग रखी। सैनी ने रोष प्रकेट करते हुए कहा कि किसान पहले ही मरा हुआ है और उसे और बोझ के तले दबाया जा रहा है। बताया कि बीज के भी अतिरिक्त दाम लिए जा रहे हैं। कहा कि पिछले साल डीलरों ने सरसों का बीज दिया लेकिन देसी सरसों निकली और किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। ऐसे में किसानों को खरीद के बिल दिए जाएं। किसान को नैनो यूरिया नहीं चाहिए। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं किसानों के प्रदर्शन में शामिल अर्पण वर्मा ने कहा कि डीलरों की मनमानी से किसानों को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है।
विज्ञापन
जानकारी मिलते ही मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय ने इंफोर्समेंट अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच करने को कहा है। बताया कि डीलरों को चेतावनी जारी कर दी गई है कि यदि किसानों को डीएपी के साथ बीज और नैनो यूरिया के लिए बाध्य किया गया तो डीलरों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
..................
जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है डीएपी खाद - कृषि विभाग
कृषि विभाग ने साफ किया है कि अर्ली बुवाई के लिए जिले में डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। नौ नवंबर से ही जिले में इफ्को की 11 सौ मिट्रिक टन खाद पहुंच चुकी है। चंबल और आईपीएल का जिले के लिए निर्धारित कोटा फिलहाल आना बाकी है। ऐसे में तीस नवंबर तक अर्ली वैराइटी की गेहूं की बुवाई के लिए पर्याप्त डीएपी उपलब्ध है। इस अवधि में अगली डीएपी भी हासिल हो जाएगी। लिहाजा किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बताया कि जिले में दो हजार मिट्रिक टन डीएपी की मांग रहती है।
...........
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार इफ्को की ओर से डीएपी के साथ डीलरों को नैनो खाद भी उपलब्ध करवाई जा रहे है। ऐसे में डीलर भी नैनो खाद को खपाने के लिए किसानों को डीएपी के साथ इसे लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जबकि कायदे से ऐसा करने की जगह उन्हें इसके फायदे बताकर केवल जागरूक किया जा सकता है। किसान की अपनी मर्जी है कि वो इसे ले या नहीं।
विज्ञापन
तहसील कार्यालय के बाहर रोष प्रकट कर रहे किसानों में शामिल तरसेम सैनी ने बताया कि नैनो यूरिया और बीज जबरन थोपा जा रहा है। सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। कृषि विभाग के इंफोर्समेंट विंग की ओर से नियमित जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक वसूलकर किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी से जांच करने की मांग रखी। सैनी ने रोष प्रकेट करते हुए कहा कि किसान पहले ही मरा हुआ है और उसे और बोझ के तले दबाया जा रहा है। बताया कि बीज के भी अतिरिक्त दाम लिए जा रहे हैं। कहा कि पिछले साल डीलरों ने सरसों का बीज दिया लेकिन देसी सरसों निकली और किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। ऐसे में किसानों को खरीद के बिल दिए जाएं। किसान को नैनो यूरिया नहीं चाहिए। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं किसानों के प्रदर्शन में शामिल अर्पण वर्मा ने कहा कि डीलरों की मनमानी से किसानों को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है।
विज्ञापन
जानकारी मिलते ही मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय ने इंफोर्समेंट अधिकारी को मौके पर भेजकर जांच करने को कहा है। बताया कि डीलरों को चेतावनी जारी कर दी गई है कि यदि किसानों को डीएपी के साथ बीज और नैनो यूरिया के लिए बाध्य किया गया तो डीलरों का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
..................
जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है डीएपी खाद - कृषि विभाग
कृषि विभाग ने साफ किया है कि अर्ली बुवाई के लिए जिले में डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। नौ नवंबर से ही जिले में इफ्को की 11 सौ मिट्रिक टन खाद पहुंच चुकी है। चंबल और आईपीएल का जिले के लिए निर्धारित कोटा फिलहाल आना बाकी है। ऐसे में तीस नवंबर तक अर्ली वैराइटी की गेहूं की बुवाई के लिए पर्याप्त डीएपी उपलब्ध है। इस अवधि में अगली डीएपी भी हासिल हो जाएगी। लिहाजा किसानों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बताया कि जिले में दो हजार मिट्रिक टन डीएपी की मांग रहती है।
...........