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नौकरी चाहने वालों की बजाय नौकरी प्रदाता बने युवा
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कठुआ। युवाओं में उद्यमिता के प्रति रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से राजकीय डिग्री कॉलेज में उद्यमिता जागरूकता पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जम्मू और कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान और कॉलेज के करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल के सहयोग से आयोजित कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि जम्मू और कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान के निदेशक एजाज अहमद भट ने युवाओं को नौकरी चाहने वालों की बजाय नौकरी प्रदाता बनने के लिए प्रेरित किया।
आगे उन्होंने छात्रों को बुरी संगत से दूर रहने और सफल उद्यमी बनने के लिए लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार की योजनाओं जैसे तेजस्वनी, मुमकिन और जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान की अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, कोई भी युवा जिसके पास इनोवेटिव आइडिया है और वह वित्तीय मदद चाहता है, वह कठुआ या जम्मू स्थित उनके कार्यालय में जा सकता है। छात्रों को आश्वासन दिया कि उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। इस दौरान प्रो. राकेश सिंह ने कहा कि इस तरह की जागरूकता कार्यशाला से छात्रों को स्टार्टअप लेने में मदद करेगी और वह सफल उद्यमी बन पाएंगे। वहीं, श्री विशाल रे ने जम्मू-कश्मीर स्टार्ट अप के बारे में विस्तार से बताया और छात्रों से सरकार की इस स्टार्ट अप नीति का लाभ उठाने का आह्वान किया। डॉ. सीमा मालपोत्रा ने छात्रों के लाभ के लिए इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाओं के आयोजन में करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल की भूमिका की सराहना की। कार्यशाला की कार्यवाही का संचालन डॉ. अनुपमा अरोड़ा ने किया और कार्यशाला का समापन डॉ. पंकज गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यशाला में डॉ. जोगबिंदर सिंह, डॉ. ईवा शर्मा, डॉ. रोशन लाल, डॉ. वीरिंदर सिंह, प्रो. निशा भगत, डॉ. रेणु, डॉ. नताशा बलोरिया, डॉ. सीमा मलपोत्रा, प्रो. जसविंदर सिंह, प्रो. राज किरण आदि मौजूद रहे।
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आगे उन्होंने छात्रों को बुरी संगत से दूर रहने और सफल उद्यमी बनने के लिए लीक से हटकर सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार की योजनाओं जैसे तेजस्वनी, मुमकिन और जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान की अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, कोई भी युवा जिसके पास इनोवेटिव आइडिया है और वह वित्तीय मदद चाहता है, वह कठुआ या जम्मू स्थित उनके कार्यालय में जा सकता है। छात्रों को आश्वासन दिया कि उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। इस दौरान प्रो. राकेश सिंह ने कहा कि इस तरह की जागरूकता कार्यशाला से छात्रों को स्टार्टअप लेने में मदद करेगी और वह सफल उद्यमी बन पाएंगे। वहीं, श्री विशाल रे ने जम्मू-कश्मीर स्टार्ट अप के बारे में विस्तार से बताया और छात्रों से सरकार की इस स्टार्ट अप नीति का लाभ उठाने का आह्वान किया। डॉ. सीमा मालपोत्रा ने छात्रों के लाभ के लिए इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाओं के आयोजन में करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट सेल की भूमिका की सराहना की। कार्यशाला की कार्यवाही का संचालन डॉ. अनुपमा अरोड़ा ने किया और कार्यशाला का समापन डॉ. पंकज गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यशाला में डॉ. जोगबिंदर सिंह, डॉ. ईवा शर्मा, डॉ. रोशन लाल, डॉ. वीरिंदर सिंह, प्रो. निशा भगत, डॉ. रेणु, डॉ. नताशा बलोरिया, डॉ. सीमा मलपोत्रा, प्रो. जसविंदर सिंह, प्रो. राज किरण आदि मौजूद रहे।
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