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राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मौलाना अबुल कलाम आजाद को किया याद
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कठुआ। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर राजकीय डिग्री कॉलेज में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षामंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती मनाई गई। साथ ही प्रतिभागियों ने शिक्षा के क्षेत्र में मौलाना आजाद के योगदान को याद करते हुए उन्हें समृद्ध भारत के निर्माण का पथ प्रदर्शक बताया।
प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश सिंह जसरोटिया की अध्यक्षता में कॉलेज के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रो. रोमा कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाए जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विद्यार्थियों में शामिल ईशान मल्होत्रा, दीया, तनु और चेतना ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मौलाना आजाद ने लड़कियों की शिक्षा पर बहुत जोर दिया और हमारे देश की प्रत्येक महिला को सभी नागरिक अधिकारों के लिए शिक्षित करने की आवश्यकता की ओर सबका ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद 15 अगस्त 1947 से 2 फरवरी 1958 तक शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए अपनी सेवा दी। अंत में डॉ. रचना ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुुत किया। समारोह के दौरान कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्यों प्रो. सीमा मल्होत्रा, प्रो. राजकिरण शर्मा, प्रो. जसविंदर सिंह, प्रो. राकेश जसरोटिया, प्रो. रितु भगत, डॉ. दीपशिका, सीमा देवी, प्रो. नीरू, प्रो. सुरभि, प्रो. ईशा भी उपस्थित रहे।
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प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश सिंह जसरोटिया की अध्यक्षता में कॉलेज के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रो. रोमा कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाए जाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विद्यार्थियों में शामिल ईशान मल्होत्रा, दीया, तनु और चेतना ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मौलाना आजाद ने लड़कियों की शिक्षा पर बहुत जोर दिया और हमारे देश की प्रत्येक महिला को सभी नागरिक अधिकारों के लिए शिक्षित करने की आवश्यकता की ओर सबका ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद 15 अगस्त 1947 से 2 फरवरी 1958 तक शिक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए अपनी सेवा दी। अंत में डॉ. रचना ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुुत किया। समारोह के दौरान कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्यों प्रो. सीमा मल्होत्रा, प्रो. राजकिरण शर्मा, प्रो. जसविंदर सिंह, प्रो. राकेश जसरोटिया, प्रो. रितु भगत, डॉ. दीपशिका, सीमा देवी, प्रो. नीरू, प्रो. सुरभि, प्रो. ईशा भी उपस्थित रहे।
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