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Kathua News: जंडोर का जवान कारगिल हिमस्खलन में बलिदान, पैतृक गांव में छाया मातम
Thu, 01 May 2025 01:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Thu, 01 May 2025 01:24 AM IST
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जसरोटा विधानसभा के जंडोर गांव का रहने वाला है जवान हरीश सिंह
पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ आज किया जाएगा अंतिम संस्कार
कठुआ। जसरोटा विधानसभा के जंडोर गांव का रहने वाला सेना का जवान हरीश सिंह (24) कारगिल-लेह हिमस्खलन में बलिदान हो गया है। मंगलवार को जवान के बलिदान की खबर पैतृक गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, बलिदान जवान के पिता जरनैल सिंह अयोध्या में तीर्थयात्रा पर थे। बेटे के बलिदान की सूचना मिलते ही वह तीर्थयात्रा छोड़कर बुधवार सुबह ही घर पहुंच गए।
जंडोर गांव के पूर्व सरपंच मलविंदर सिंह ने बताया कि हिमस्खलन का मामला बीते मंगलवार सुबह साढ़े चार बजे का है। जब बलिदान जवान हरीश सिंह अपनी पोस्ट से ड्यूटी खत्म कर वापस आ रहा था। बताया जा रहा है कि हरीश सिंह का पैर फिसलने से वह गहरी खाई में गिर गए। जब तक सेना के जवान हरीश को ढूंढते तब तक उसकी मौत हो गई थी। पूर्व सरपंच ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर देर रात कठुआ पहुंच जाएगा। अंतिम संस्कार वीरवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उसके माता पिता और एक बड़ा भाई है। वहीं, उसकी बड़ी चार बहनों की शादी हो चुकी है। मलविंदर सिंह ने बताया कि चार साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में भारतीय सेना के 18 डोगरा रेजिमेंट में कारगिल में तैनात था। उन्होंने बताया कि इस घटना ने केवल उनका गांव को बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा नुकसान है। पूरा देश उनकी शहादत को सदैव याद रखेगा।
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पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ आज किया जाएगा अंतिम संस्कार
कठुआ। जसरोटा विधानसभा के जंडोर गांव का रहने वाला सेना का जवान हरीश सिंह (24) कारगिल-लेह हिमस्खलन में बलिदान हो गया है। मंगलवार को जवान के बलिदान की खबर पैतृक गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, बलिदान जवान के पिता जरनैल सिंह अयोध्या में तीर्थयात्रा पर थे। बेटे के बलिदान की सूचना मिलते ही वह तीर्थयात्रा छोड़कर बुधवार सुबह ही घर पहुंच गए।
जंडोर गांव के पूर्व सरपंच मलविंदर सिंह ने बताया कि हिमस्खलन का मामला बीते मंगलवार सुबह साढ़े चार बजे का है। जब बलिदान जवान हरीश सिंह अपनी पोस्ट से ड्यूटी खत्म कर वापस आ रहा था। बताया जा रहा है कि हरीश सिंह का पैर फिसलने से वह गहरी खाई में गिर गए। जब तक सेना के जवान हरीश को ढूंढते तब तक उसकी मौत हो गई थी। पूर्व सरपंच ने बताया कि शहीद का पार्थिव शरीर देर रात कठुआ पहुंच जाएगा। अंतिम संस्कार वीरवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उसके माता पिता और एक बड़ा भाई है। वहीं, उसकी बड़ी चार बहनों की शादी हो चुकी है। मलविंदर सिंह ने बताया कि चार साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। वर्तमान में भारतीय सेना के 18 डोगरा रेजिमेंट में कारगिल में तैनात था। उन्होंने बताया कि इस घटना ने केवल उनका गांव को बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा नुकसान है। पूरा देश उनकी शहादत को सदैव याद रखेगा।
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