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Kathua News: बिलावर को जिला बनाने की मांग पकड़ रही जोर
Sun, 18 Jan 2026 12:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 18 Jan 2026 12:40 AM IST
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कठुआ। जम्मू को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग पिछले कुछ दिनों से तेज हो गई है। इसी बीच पिछले कई दशकों से बिलावर को जिला बनाने की मांग का आंदोलन भी फिर से छिड़ता नजर आ रहा है। बिलावर जिला आंदोलन संगठन ने रविवार को बैठक बुलाकर अग्रिम रणनीति की तैयारी शुरू कर दी है।
उन्होंने साफ किया है कि इस बार जनप्रतिनिधियों को भी साथ लिया जाएगा और लोगों की इस मांग के लिए सरकार से पहाड़ी क्षेत्र बिलावर को जिला बनाने का काम किया जाएगा। एडवोकेट हरिचंद जलमेरिया ने कहा कि अब अंतिम लड़ाई की तैयारी की जाएगी। इंतजार करते करते कई दशक गुजर गए लेकिन राजनीतिक दलों से कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उन्हाेंने कहा कि पहले शेख अब्दुल्ला ने 1975 में कश्मीर में अनंतनाग, श्रीनगर और बारामुला को जिला बनाया जिसके बाद 1978 में कश्मीर में छह जिले बना दिए गए। बिलावर को तब भी जिला नहीं मिला। कई साल के बाद रियासी, सांबा, किश्तवाड़ को गुलाम नबी आजाद की सरकार ने जिला बनाया और एक जिला कश्मीर को भी दे दिया। मगर कठुआ के बिलावर को जिला नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि कठुआ जिले का बड़ा इलाका है, छत्रगला तक लगभग पौने 300 किलोमीटर तक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से शिवालिक धार बांटने वाली इसकी सीमा तय होनी चाहिए। बसोहली, बनी और बिलावर, रामकोट, महानपुर और लोहाई मल्हार को मिलाकर जिला बना दिया जाए। नीचे की छह तहसीलों को अलग किया जाए। संवाद
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उन्होंने साफ किया है कि इस बार जनप्रतिनिधियों को भी साथ लिया जाएगा और लोगों की इस मांग के लिए सरकार से पहाड़ी क्षेत्र बिलावर को जिला बनाने का काम किया जाएगा। एडवोकेट हरिचंद जलमेरिया ने कहा कि अब अंतिम लड़ाई की तैयारी की जाएगी। इंतजार करते करते कई दशक गुजर गए लेकिन राजनीतिक दलों से कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उन्हाेंने कहा कि पहले शेख अब्दुल्ला ने 1975 में कश्मीर में अनंतनाग, श्रीनगर और बारामुला को जिला बनाया जिसके बाद 1978 में कश्मीर में छह जिले बना दिए गए। बिलावर को तब भी जिला नहीं मिला। कई साल के बाद रियासी, सांबा, किश्तवाड़ को गुलाम नबी आजाद की सरकार ने जिला बनाया और एक जिला कश्मीर को भी दे दिया। मगर कठुआ के बिलावर को जिला नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि कठुआ जिले का बड़ा इलाका है, छत्रगला तक लगभग पौने 300 किलोमीटर तक है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से शिवालिक धार बांटने वाली इसकी सीमा तय होनी चाहिए। बसोहली, बनी और बिलावर, रामकोट, महानपुर और लोहाई मल्हार को मिलाकर जिला बना दिया जाए। नीचे की छह तहसीलों को अलग किया जाए। संवाद
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