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Kathua News: विद्यार्थियों ने सीखा सिविल डिफेंस का कौशल
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राजकीय डिग्री कॉलेज मढ़ीन में चल रहा है पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। राजकीय डिग्री कॉलेज मढ़ीन में चल रहे पांच दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों को आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जीवनरक्षक कौशल सिखाए गए। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और सिविल डिफेंस विभाग के विशेषज्ञों ने यह प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण में प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया। सीपीआर और दम घुटने की स्थिति में किए जाने वाले उपायों पर भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने समझाया कि किसी दुर्घटना या आपदा के शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में सही समय पर प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षक तकनीकों का इस्तेमाल जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई। उन्हें व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से इन तकनीकों को समझाया गया। इससे वे जरूरत पड़ने पर आत्मविश्वास के साथ उनका उपयोग कर सकें। कॉलेज की प्राचार्य अनुपमा गुप्ता ने विशेषज्ञों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। साथ ही उन्हें संकट के समय दूसरों की मदद करने के लिए भी तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का गंभीरता से उपयोग करने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। राजकीय डिग्री कॉलेज मढ़ीन में चल रहे पांच दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों को आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जीवनरक्षक कौशल सिखाए गए। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और सिविल डिफेंस विभाग के विशेषज्ञों ने यह प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण में प्राथमिक उपचार के बारे में विस्तार से बताया गया। सीपीआर और दम घुटने की स्थिति में किए जाने वाले उपायों पर भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने समझाया कि किसी दुर्घटना या आपदा के शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में सही समय पर प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षक तकनीकों का इस्तेमाल जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई। उन्हें व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से इन तकनीकों को समझाया गया। इससे वे जरूरत पड़ने पर आत्मविश्वास के साथ उनका उपयोग कर सकें। कॉलेज की प्राचार्य अनुपमा गुप्ता ने विशेषज्ञों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। साथ ही उन्हें संकट के समय दूसरों की मदद करने के लिए भी तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का गंभीरता से उपयोग करने की अपील की।
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