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Kathua News: डल झील की तर्ज पर अब रंजीत सागर झील में मिलेगा हाउसबोट का लुत्फ
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अगले 30 से 45 दिनों में पूरा होगा हाउसबोट का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-कश्मीर के बसोहली में रंजीत सागर झील में पहली आधुनिक तैरती हाउसबोट का निर्माण अंतिम चरण में है। यह परियोजना बसोहली को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन मानचित्र पर एक नया स्थान देगी। इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर की डल झील के समान जल-पर्यटन अनुभव प्रदान करना है। लगभग 98 लाख की लागत से तैयार हो रही यह हाउसबोट अगले 30 से 45 दिनों में पूरी हो जाएगी।
पुरथू तट पर हाउसबोट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह परियोजना इलाके के पर्यटन ढांचे को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण पूरा होने के बाद झील के गहरे जलक्षेत्र में इसका परीक्षण संचालन होगा। प्रशासनिक रणनीति के अनुसार, रंजीत सागर झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के जल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए तीन चरणों में काम शुरू किया गया था। शुरुआती चरण में झील में तेज गति वाली नावों और जेट स्की की सफल शुरुआत की गई थी। यह हाउसबोट पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों को कश्मीर गए बिना ही हाउसबोट में ठहरने का प्रामाणिक अनुभव उपलब्ध कराएगी। हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर यह एक नया सप्ताहांत अवकाश स्थल बनेगी। हिमाचल के चंबा, डलहौजी और खजियार जैसे पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को एक नया ठिकाना मिल सकेगा। इससे बनी बसोहली भद्रवाह सर्किट में भी पर्यटन को मजबूती मिलेगी। बसोहली अब तक केवल कुछ घंटों के अल्पकालिक पड़ाव या ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण तक सीमित था। हाउसबोट की शुरुआत से उच्च-स्तरीय पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा।
झील के जलस्तर और बहाव के अनुकूल बनाई जा रही है हाउसबो
इस हाउसबोट को पारंपरिक कश्मीरी हाउसबोट की तुलना में आधुनिक पॉन्टून तैरते मंच पर तैयार किया जा रहा है। इसे झील के जलस्तर और बहाव के अनुकूल बनाया गया है। इसमें एक मुख्य शयनकक्ष शामिल है। आधुनिक साज-सज्जा वाले संलग्न स्नानघर भी इसमें उपलब्ध होंगे। एक सुसज्जित रसोईघर और झील के विहंगम दृश्य को निहारने के लिए एक कांच की दीवार वाला बैठक कक्ष भी इसका हिस्सा है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पुरथू के अंतिम छोर पर इस अनूठी परियोजना को आकार देने में जुटी है।
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रोजगार के नए द्वार खुलेंगे
हाउसबोट के परिचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इसमें मार्गदर्शक, कर्मीदल, खानपान और हस्तशिल्प बिक्री जैसे अवसर शामिल हैं। निर्माण कार्य पूरा होते ही परिचालन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इसे एक पेशेवर निजी कंपनी को बाहरी एजेंसी को सौंपा जाएगा। यह पहला परीक्षण सफल होते ही इस बेड़े में और हाउसबोट्स जोड़ने की योजना है। बसोहली विधायक ठाकुर दर्शन सिंह ने इस पहल का समर्थन किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-कश्मीर के बसोहली में रंजीत सागर झील में पहली आधुनिक तैरती हाउसबोट का निर्माण अंतिम चरण में है। यह परियोजना बसोहली को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन मानचित्र पर एक नया स्थान देगी। इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर की डल झील के समान जल-पर्यटन अनुभव प्रदान करना है। लगभग 98 लाख की लागत से तैयार हो रही यह हाउसबोट अगले 30 से 45 दिनों में पूरी हो जाएगी।
पुरथू तट पर हाउसबोट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह परियोजना इलाके के पर्यटन ढांचे को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण पूरा होने के बाद झील के गहरे जलक्षेत्र में इसका परीक्षण संचालन होगा। प्रशासनिक रणनीति के अनुसार, रंजीत सागर झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर के जल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए तीन चरणों में काम शुरू किया गया था। शुरुआती चरण में झील में तेज गति वाली नावों और जेट स्की की सफल शुरुआत की गई थी। यह हाउसबोट पड़ोसी राज्यों के पर्यटकों को कश्मीर गए बिना ही हाउसबोट में ठहरने का प्रामाणिक अनुभव उपलब्ध कराएगी। हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर यह एक नया सप्ताहांत अवकाश स्थल बनेगी। हिमाचल के चंबा, डलहौजी और खजियार जैसे पर्यटन स्थलों पर जाने वाले पर्यटकों को एक नया ठिकाना मिल सकेगा। इससे बनी बसोहली भद्रवाह सर्किट में भी पर्यटन को मजबूती मिलेगी। बसोहली अब तक केवल कुछ घंटों के अल्पकालिक पड़ाव या ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण तक सीमित था। हाउसबोट की शुरुआत से उच्च-स्तरीय पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा।
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झील के जलस्तर और बहाव के अनुकूल बनाई जा रही है हाउसबो
इस हाउसबोट को पारंपरिक कश्मीरी हाउसबोट की तुलना में आधुनिक पॉन्टून तैरते मंच पर तैयार किया जा रहा है। इसे झील के जलस्तर और बहाव के अनुकूल बनाया गया है। इसमें एक मुख्य शयनकक्ष शामिल है। आधुनिक साज-सज्जा वाले संलग्न स्नानघर भी इसमें उपलब्ध होंगे। एक सुसज्जित रसोईघर और झील के विहंगम दृश्य को निहारने के लिए एक कांच की दीवार वाला बैठक कक्ष भी इसका हिस्सा है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पुरथू के अंतिम छोर पर इस अनूठी परियोजना को आकार देने में जुटी है।
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रोजगार के नए द्वार खुलेंगे
हाउसबोट के परिचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इसमें मार्गदर्शक, कर्मीदल, खानपान और हस्तशिल्प बिक्री जैसे अवसर शामिल हैं। निर्माण कार्य पूरा होते ही परिचालन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इसे एक पेशेवर निजी कंपनी को बाहरी एजेंसी को सौंपा जाएगा। यह पहला परीक्षण सफल होते ही इस बेड़े में और हाउसबोट्स जोड़ने की योजना है। बसोहली विधायक ठाकुर दर्शन सिंह ने इस पहल का समर्थन किया है।