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Kathua News: कोरोना काल में बाइसाइकिल फॉर चेंज संस्था शुरू की, आज 110 लोग जुड़ चुके

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कठुआ। पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी दुनिया में विश्व साइकिल दिवस मनाया जा रहा है। लोगों को साइकिलिंग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कठुआ शहर में भी पिछले कुछ वर्षों के दौरान युवाओं और बच्चों में साइकिलिंग को लेकर क्रेज बढ़ता जा रहा। इसके कारण सुबह शाम अब शहर में लोगों को साइकिल की सवारी करते देखा जा सकता है। साइकिलिंग के लिए लोगों की बढ़ती रुचि के बाद अब युवाओं के दल लंबी साइकिल यात्राओं में शामिल हो रहे हैं।
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शहर में साइकिल संस्कृति को बढ़ाने के लिए प्रयासरत बाइसिकिल फॉर चेंज संस्था के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि 90 के दशक तक आम लोगों का प्रमुख साधन साइकिल ही हुआ करती थी। इसके बाद कार, बाइक और स्कूटी जैसे साधनों की ओर झुकाव बढ़ गया। इससे धीरे-धीरे लोगों में साइकिल का क्रेज कम होने लगा।
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उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपने तीन साल के बेटे परीक्षित शर्मा के साथ छोटी साइकिल राइड शुरू की थी। इसके बाद कुछ ऐसा बदलाव आया कि काफी लोग उनके साथ जुड़ते चले गए। साइकिल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अप्रैल 2021 में उन्होंने बाइसिकिल फॉर चेंज संस्था का पंजीकरण करवाया। उनकी संस्था सैकड़ों साइकिल राइड का आयोजन कर चुकी है। इसमें कठुआ से अमृतसर, कठुआ से डल्हौजी और कठुआ से माता वैष्णो देवी की साइकिल राइड सबसे खास रही है। इस क्लब की प्रेरणा का परिणाम रहा कि उनका बेटा परीक्षित शर्मा कठुआ से अमृतसर लगातार 133 किलोमीटर साइकिल चला कर लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवा चुका है।
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शर्मा ने बताया कि बाइसिकिल फॉर चेंज संस्था के आज 110 सक्रिय सदस्य हैं, जो जगह-जगह साइकिल से पहुंचकर लोगों को साइकिलिंग से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा संस्था के सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली जाने वाली गतिविधियों से प्रेरित होकर हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई सोलो साइकिल राइडर्स संस्था के साथ जुड़ चुके हैं। जो अपने अपने इलाकों में संस्था के सिद्धांत के अनुसार लोगों को साइकिल का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसमें एक सदस्य श्रीलंका से भी है जो हाल के दिनों में उनके साथ जुड़े हैं।


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कोट
साइकिल चलाने से न केवल पर्यावरण का सरंक्षण होता है, बल्कि स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकते हैं। साइकिल चलाने से हमारा ह्दय मजबूत होता है और रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है, जिससे उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। मांसपेशियों को सशक्त करने में मदद मिलती है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से कैलोरी जलती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। साइकिलिंग मानसिक तनाव को कम करती है और एंडोर्फिन हार्मोन बढ़ाकर आपको खुश रखती है। साइकिल की सवारी फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, जिससे सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा हमें इससे जोड़ों के रोगों से मुक्त होने भी काफी मदद मिलती है। साइकिलिंग एक ऐसा नियमित व्यायाम है जो हमारे शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है और हमारी नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।

-डॉ. पवन भगत, सीनियर रेजिडेंट जीएमसी कठुआ।
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