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Kathua News: जिले में शहद का 776 क्विंटल रिकाॅर्ड उत्पादन
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जिले में मधुमक्खी पालन करता पालक।
- फोटो : kathua news
कठुआ। जिले में चल रही मधुमक्खी पालन विकास योजन ने नए आयाम स्थापित किए हैं। जिले में इस बार 776 क्विंटल शहद का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। विभाग ने इससे अनुमानित 2.46 करोड़ की आय हासिल की। इससे न केवल मधुमक्खी पालकों की आजीविका में सुधार हुआ है बल्कि राजस्व में भी वृद्धि हुई है।
मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ जतिंद्र कुमार के नेतृत्व में इस योजना के तहत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के अंतर्गत, पिछले वर्ष में 1,085 मधुमक्खी कॉलोनियों का वितरण स्थानीय लाभार्थियों को किया गया, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या 6,549 तक पहुंच गई। इसके अलावा 31 नए मधुमक्खी पालकों को एचएडीपी के तहत पंजीकृत किया गया, जिससे जिले में कुल पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की संख्या 247 हो गई।
मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ जतिंद्र कुमार खजूरिया ने क्षेत्रीय कर्मचारियों और लाभार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल सतत आय के अवसर प्रदान करता है बल्कि परागण के माध्यम से कृषि उत्पादकता को भी बढ़ाता है। विभाग इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए निरंतर समर्थन, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
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मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ जतिंद्र कुमार के नेतृत्व में इस योजना के तहत मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) के अंतर्गत, पिछले वर्ष में 1,085 मधुमक्खी कॉलोनियों का वितरण स्थानीय लाभार्थियों को किया गया, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या 6,549 तक पहुंच गई। इसके अलावा 31 नए मधुमक्खी पालकों को एचएडीपी के तहत पंजीकृत किया गया, जिससे जिले में कुल पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की संख्या 247 हो गई।
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मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ जतिंद्र कुमार खजूरिया ने क्षेत्रीय कर्मचारियों और लाभार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मधुमक्खी पालन न केवल सतत आय के अवसर प्रदान करता है बल्कि परागण के माध्यम से कृषि उत्पादकता को भी बढ़ाता है। विभाग इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए निरंतर समर्थन, प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
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