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Kathua News: परशुराम चौक पर नहीं लगेगा वॉटर फ्रंट का प्रतीक स्तंभ
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कठुआ। शहर के श्री परशुराम चौक पर जिला प्रशासन की ओर वाटर फ्रंट का प्रतीक स्तंभ लगाए जाने का कठुआ ब्राह्मण सभा ने कड़ा विरोध किया है। श्री परशुराम जी चौक पर बैठे कठुआ ब्राह्मण सभा के सदस्यों ने प्रशासन पर चौक की पहचान बदलने का प्रयास किए जाने आरोप लगाया। हालांकि बाद डीसी के साथ हुई मुलाकात के बाद सभा के सदस्यों ने अपना विरोध यह कहते हुए बंद कर दिया कि प्रशासन ने उन्हें चौक के मध्य का स्थान भगवान श्री परशुराम जी का प्रतीक स्थापित करने के लिए दे दिया है।
वीरवार को डीसी से हुई मुलाकात के बाद सभा के सदस्यों ने बताया कि करीब तीन साल पहले कठुआ ब्राह्मण सभा के आग्रह पर तत्कालीन कठुआ नगर परिषद के पार्षदाें ने प्रस्ताव पारित कर कॉलेज रोड पर स्थित इस चौक का नामकरण भगवान श्री परशुराम जी के नाम पर किए जाने के लिए सहमति दी थी। जिसके बाद सभा की ओर से यहां भगवान श्री परशुराम जी चौक का बोर्ड लगा दिया गया था। जो आज इस चौक की पहचान बन चुका है, लेकिन अब शहर के मध्य में बहने वाली नहर पर जिला प्रशासन की ओर विकसित किए जा रहे वाटर फ्रंट का प्रतीक स्तंभ यहां लगाया जा रहा था। जिससे इस चौक की पहचान खत्म हो जाती जो समाज के एक बड़े हिस्से की आस्था से जुड़ा मामला है।
इसी का विरोध करने के लिए सभा की ओर से निर्माण स्थल पर धरना दिया गया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे डीसी राकेश मिन्हास ने इस मसले पर बात करने के लिए उन्हें अपने कार्यालय बुलाया था। जहां सभा के सदस्यों ने डीसी के समक्ष अपना पक्ष रखा। जिसके बाद डीसी ने खुद उन्हें चौक के मध्य का स्थान भगवान श्री परशुराम जी का प्रतीक स्थापित करने के लिए दे दिया है। जबकि वाटर फ्रंट के प्रतीक स्तंभ को नहर के साथ लगाने पर सहमति बन गई है। इससे अब कोई विवाद नही रहा है। इस मौके पर कठुआ ब्राह्मण सभा के प्रधान डॉ. दुष्यंत उब्बट, सुरेंद्र मेहता, राबिन शर्मा, बिशन भारती, अनिल भारद्वाज, राहुल देव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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वीरवार को डीसी से हुई मुलाकात के बाद सभा के सदस्यों ने बताया कि करीब तीन साल पहले कठुआ ब्राह्मण सभा के आग्रह पर तत्कालीन कठुआ नगर परिषद के पार्षदाें ने प्रस्ताव पारित कर कॉलेज रोड पर स्थित इस चौक का नामकरण भगवान श्री परशुराम जी के नाम पर किए जाने के लिए सहमति दी थी। जिसके बाद सभा की ओर से यहां भगवान श्री परशुराम जी चौक का बोर्ड लगा दिया गया था। जो आज इस चौक की पहचान बन चुका है, लेकिन अब शहर के मध्य में बहने वाली नहर पर जिला प्रशासन की ओर विकसित किए जा रहे वाटर फ्रंट का प्रतीक स्तंभ यहां लगाया जा रहा था। जिससे इस चौक की पहचान खत्म हो जाती जो समाज के एक बड़े हिस्से की आस्था से जुड़ा मामला है।
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इसी का विरोध करने के लिए सभा की ओर से निर्माण स्थल पर धरना दिया गया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे डीसी राकेश मिन्हास ने इस मसले पर बात करने के लिए उन्हें अपने कार्यालय बुलाया था। जहां सभा के सदस्यों ने डीसी के समक्ष अपना पक्ष रखा। जिसके बाद डीसी ने खुद उन्हें चौक के मध्य का स्थान भगवान श्री परशुराम जी का प्रतीक स्थापित करने के लिए दे दिया है। जबकि वाटर फ्रंट के प्रतीक स्तंभ को नहर के साथ लगाने पर सहमति बन गई है। इससे अब कोई विवाद नही रहा है। इस मौके पर कठुआ ब्राह्मण सभा के प्रधान डॉ. दुष्यंत उब्बट, सुरेंद्र मेहता, राबिन शर्मा, बिशन भारती, अनिल भारद्वाज, राहुल देव शर्मा आदि मौजूद रहे।
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