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Kathua News: अधर में जीएमसी कठुआ की हेल्थ लैब का निर्माण, मार्च में होना था पूरा
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निर्धारित समय से पिछड़ा जीएमसी कठुआ की एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब का निर्माण, मार्च महीने में पूरा होना था काम
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) का कार्य अधर में लटका हुआ है। पहले इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करना था। फिर तय समय को बढ़ाकर मार्च 2026 किया गया लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण यह अब तक पूरा नहीं हो पाया है। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मार्च 2025 में शुरू इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से इमरजेंसी में आने वाले और भर्ती मरीजों को अलग-अलग जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वर्ष 2019 में स्थापित जीएमसी कठुआ जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है, जहां अब तक सभी प्रकार की जांच सेवाएं एक ही लैब के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज स्तर के अस्पतालों में इमरजेंसी, इंडोर और ओपीडी मरीजों के लिए अलग-अलग लैब की व्यवस्था होती हैं, लेकिन भवन की कमी के कारण यहां यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई थी। मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने और लैब सेवाओं को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से अस्पताल परिसर में नए लैब भवन का निर्माण शुरू किया गया था। उम्मीद थी कि इसके शुरू होने से जांच सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार आएगा तथा मरीजों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
वर्तमान में अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और पैथोलॉजी से संबंधित कई विशेष जांचें अकादमिक ब्लॉक में संचालित की जाती हैं। कल्चर सेंसिटिविटी, बोन मैरो और अन्य विशेष परीक्षणों के लिए मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से अकादमिक ब्लॉक तक ले जाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी के साथ-साथ मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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निर्माणाधीन नई इमारत में इन समस्याओं के समाधान के लिए दो अलग-अलग ब्लॉक विकसित किए जा रहे हैं। इनमें इमरजेंसी मरीजों और भर्ती मरीजों के लिए अलग लैब सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं, वर्तमान लैब को पूरी तरह ओपीडी मरीजों की जरूरतों के अनुसार संचालित किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल में इमरजेंसी, इंडोर और ओपीडी तीनों श्रेणियों के मरीजों को अलग-अलग लैब सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
वर्जन
जीएमसी कठुआ में पेसेंट केयर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब के निर्माण अभी चल रहा है। 13.75 करोड़ की लागत से होने वाले इस निर्माण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी के साथ बैठक की गई थी। उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक निर्माण पूरा होगा और लोगों को यह सहूलियत जल्द मिलेगी। - डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) का कार्य अधर में लटका हुआ है। पहले इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करना था। फिर तय समय को बढ़ाकर मार्च 2026 किया गया लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण यह अब तक पूरा नहीं हो पाया है। आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मार्च 2025 में शुरू इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से इमरजेंसी में आने वाले और भर्ती मरीजों को अलग-अलग जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वर्ष 2019 में स्थापित जीएमसी कठुआ जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है, जहां अब तक सभी प्रकार की जांच सेवाएं एक ही लैब के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज स्तर के अस्पतालों में इमरजेंसी, इंडोर और ओपीडी मरीजों के लिए अलग-अलग लैब की व्यवस्था होती हैं, लेकिन भवन की कमी के कारण यहां यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई थी। मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने और लैब सेवाओं को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से अस्पताल परिसर में नए लैब भवन का निर्माण शुरू किया गया था। उम्मीद थी कि इसके शुरू होने से जांच सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार आएगा तथा मरीजों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
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वर्तमान में अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और पैथोलॉजी से संबंधित कई विशेष जांचें अकादमिक ब्लॉक में संचालित की जाती हैं। कल्चर सेंसिटिविटी, बोन मैरो और अन्य विशेष परीक्षणों के लिए मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से अकादमिक ब्लॉक तक ले जाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी के साथ-साथ मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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निर्माणाधीन नई इमारत में इन समस्याओं के समाधान के लिए दो अलग-अलग ब्लॉक विकसित किए जा रहे हैं। इनमें इमरजेंसी मरीजों और भर्ती मरीजों के लिए अलग लैब सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं, वर्तमान लैब को पूरी तरह ओपीडी मरीजों की जरूरतों के अनुसार संचालित किया जाएगा। इसके बाद अस्पताल में इमरजेंसी, इंडोर और ओपीडी तीनों श्रेणियों के मरीजों को अलग-अलग लैब सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
वर्जन
जीएमसी कठुआ में पेसेंट केयर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब के निर्माण अभी चल रहा है। 13.75 करोड़ की लागत से होने वाले इस निर्माण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी के साथ बैठक की गई थी। उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक निर्माण पूरा होगा और लोगों को यह सहूलियत जल्द मिलेगी। - डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री, प्रधानाचार्य जीएमसी कठुआ