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Kathua News: रावी-तवी नहर की मरम्मत और सफाई का काम सुस्त
Sun, 29 Mar 2026 02:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 29 Mar 2026 02:06 AM IST
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किसान बोले-खेती के साथ-साथ मवेशी भी इसी नहर के पानी पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कंडी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा देने वाली रावी-तवी नहर की मरम्मत और सफाई का काम सुस्त गति से चल रहा है। निर्धारित समय सीमा 31 मार्च तक कार्य पूरा होना मुश्किल दिख रहा है। ऐसे में नहर से पानी मिलने की आस लगाए बैठे किसानों का इंतजार और लंबा हो सकता है। किसानों का कहना है कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। खेती के साथ-साथ उनके मवेशी भी इसी नहर के पानी पर निर्भर हैं लेकिन नहर की स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा।
लोगेट गांव के पूर्व नायब सरपंच व किसान नेता सतपाल चौधरी ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सफाई केवल उन स्थानों पर की जा रही है जहां से लोगों का आना-जाना है जबकि नहर में जगह-जगह मलबा भरा है। चौधरी ने बताया कि नहर को बंद किए एक माह से अधिक हो गया है लेकिन हालात जस के तस हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि काम का तरीका सरकारी फंड की बंदरबांट जैसा है। 31 मार्च को समय सीमा पूरी होने के बाद इसी जर्जर नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा और किसानों को फिर पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए बनाई गई नहर के प्रति गंभीरता दिखाई जाए और समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कंडी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा देने वाली रावी-तवी नहर की मरम्मत और सफाई का काम सुस्त गति से चल रहा है। निर्धारित समय सीमा 31 मार्च तक कार्य पूरा होना मुश्किल दिख रहा है। ऐसे में नहर से पानी मिलने की आस लगाए बैठे किसानों का इंतजार और लंबा हो सकता है। किसानों का कहना है कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। खेती के साथ-साथ उनके मवेशी भी इसी नहर के पानी पर निर्भर हैं लेकिन नहर की स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा।
लोगेट गांव के पूर्व नायब सरपंच व किसान नेता सतपाल चौधरी ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सफाई केवल उन स्थानों पर की जा रही है जहां से लोगों का आना-जाना है जबकि नहर में जगह-जगह मलबा भरा है। चौधरी ने बताया कि नहर को बंद किए एक माह से अधिक हो गया है लेकिन हालात जस के तस हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि काम का तरीका सरकारी फंड की बंदरबांट जैसा है। 31 मार्च को समय सीमा पूरी होने के बाद इसी जर्जर नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा और किसानों को फिर पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसानों की सिंचाई सुविधा के लिए बनाई गई नहर के प्रति गंभीरता दिखाई जाए और समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाए।
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