{"_id":"682ccc6489752c041b0a04bb","slug":"jammu-kashmir-news-kathua-news-c-201-1-knt1006-120270-2025-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: विद्यार्थियों को नए कानूनों के बारे में किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: विद्यार्थियों को नए कानूनों के बारे में किया जागरूक
विज्ञापन
छात्रों को नए कानून की जानकारी देते डीएसपी हेडक्वार्टर रविंदर सिंह।
- फोटो : kathua news
कठुआ। तीन नए आपराधिक कानूनों पर मॉडल ब्वायज हायर सेकेंडरी स्कूल कठुआ में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डाइट बसोहली की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में डीएसपी हेडक्वार्टर रविंदर सिंह मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को नए बदलाव के बारे में जानकारी दी।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी हेडक्वार्टर ने विद्यार्थियों को बताया कि आपराधिक मामलों के निपटारे के लिए तीन अहम बदलाव किए गए हैं। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) कानून भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेगा और इसमें राजद्रोह को हटाया गया है। साथ ही आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) कानून दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह लेगा। इसमें जीरो एफआईआर का प्रावधान है, जिससे कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करा सकता है। इसके अलावा गिरफ्तारी के नए नियम बनाए गए हैं, जिससे छोटे अपराधों में गिरफ्तारी की प्रक्रिया आसान होगी।
उन्हाेंने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) भी एक बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें अब इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कानूनी मान्यता दी गई है। अब वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य को अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे लोगों को न्याय पाने में आसानी होगी।
विज्ञापन
अंत में स्कूल के प्रधानाचार्य ताराचंद शर्मा ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कराने के लिए डाइट बसोहली सहित डीएसपी हेडक्वार्टर का आभार जताया।
विज्ञापन
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में डीएसपी हेडक्वार्टर ने विद्यार्थियों को बताया कि आपराधिक मामलों के निपटारे के लिए तीन अहम बदलाव किए गए हैं। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) कानून भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेगा और इसमें राजद्रोह को हटाया गया है। साथ ही आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) कानून दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह लेगा। इसमें जीरो एफआईआर का प्रावधान है, जिससे कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करा सकता है। इसके अलावा गिरफ्तारी के नए नियम बनाए गए हैं, जिससे छोटे अपराधों में गिरफ्तारी की प्रक्रिया आसान होगी।
विज्ञापन
उन्हाेंने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) भी एक बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें अब इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कानूनी मान्यता दी गई है। अब वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य को अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है। इससे लोगों को न्याय पाने में आसानी होगी।
विज्ञापन
अंत में स्कूल के प्रधानाचार्य ताराचंद शर्मा ने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कराने के लिए डाइट बसोहली सहित डीएसपी हेडक्वार्टर का आभार जताया।