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Kathua News: डेलीवेजर वेलफेयर एक्ट का प्रारूप पेश
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कठुआ। सिविल सोसायटी कठुआ ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न विभागों में डेलीवेजर के तौर सेवाएं देने वाले अस्थायी कर्मचारियों के हितों को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार के समक्ष डेलीवेजर वेलफेयर एक्ट का प्रारूप पेश किया है। इसका उद्देश्य डेलीवेजरों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें न्यूनतम सुरक्षा और सामाजिक लाभ प्रदान करना है।
रविवार को सिविल सोसायटी कठुआ की ओर से आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान एडवोकेट सुशील गुप्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर के विभिन्न विभागों में हजारों की संख्या में डेलीवेजर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिन्हें आज तक उनका वह हक नही मिला है जिसके वह हकदार हैं। इसी को देखते हुए सिविल सोसायटी कठुआ इसके कल्याण के लिए कदम उठाए जाने का समर्थन करती है। इसी को देखते सोसायटी ने डेलीवेजर वेलफेयर एक्ट का प्रारूप बनाया है। जिसे जम्मू-कश्मीर के सभी विधायकों के माध्यम से जम्मू कश्मीर की विधानसभा तक पहुंचाया जाएगा। ताकि यह एक कानून की शक्ल ले और डेलीवेजरों के नियमित रोजगार, न्यूनतम वेतन, मजदूरों को ग्रेच्यूटी, भविष्य निधि, स्वास्थ्य बीमा और पेंशन योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने डेलीवेजरों के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिए जाने के साथ उनकी शिकायतों के निवारण के लिए सरकार से अपील की।
वहीं इस मौके पर आइडीपी के प्रधान आईडी खजूरिया ने कहा कि वर्ष 1992 में हुए संघर्ष के बाद तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने कुछ डेलीवेजरों को नियमित किया था, लेकिन कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कोई कानून नही बना। जिसके कारण दशकों तक सेवा देने के बाद भी डेलीवेजरों के हाथ खाली हैं। जिनके लिए एक व्यापक अधिनियम लागू किए जाने की जरूरत है। क्योंकि वह सरकार और प्रशासन के कामकाज का एक अहम हिस्सा हैं, लेकिन उनके रोजगार में अनेक समस्याएं और अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी सेवा के नाम पर लगाए जाने वाले इन कर्मचारियों को सरकार न तो एक कर्मचारी के तौर पर मिलने वाले लाभ दे रही है। न ही मजदूर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाए गए प्रावधानों का कोई लाभ मिल रहा है।
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इसी को देखते हुए डेलीवेजरों के कल्याण के लिए सरकार के समक्ष एक प्रारूप भी पेश किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस पर कार्रवाई होगी। क्योंकि इससे ही डेलीवेजरों के जीवन में सुधार आएगा और उनकी सेवाओं को सम्मान मिल सकेगा।
इस मौके पर विश्वकर्मा सभा कठुआ के प्रधान करतार वर्मा, मास्टर खजूर सिंह, बिशन दास लडवाल, पुरुषोत्तम सिंह, हेमराज, हाशिम दीन, विजय पुरी, सूर्य प्रकाश, प्रदीप शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
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रविवार को सिविल सोसायटी कठुआ की ओर से आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान एडवोकेट सुशील गुप्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर के विभिन्न विभागों में हजारों की संख्या में डेलीवेजर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिन्हें आज तक उनका वह हक नही मिला है जिसके वह हकदार हैं। इसी को देखते हुए सिविल सोसायटी कठुआ इसके कल्याण के लिए कदम उठाए जाने का समर्थन करती है। इसी को देखते सोसायटी ने डेलीवेजर वेलफेयर एक्ट का प्रारूप बनाया है। जिसे जम्मू-कश्मीर के सभी विधायकों के माध्यम से जम्मू कश्मीर की विधानसभा तक पहुंचाया जाएगा। ताकि यह एक कानून की शक्ल ले और डेलीवेजरों के नियमित रोजगार, न्यूनतम वेतन, मजदूरों को ग्रेच्यूटी, भविष्य निधि, स्वास्थ्य बीमा और पेंशन योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने डेलीवेजरों के खिलाफ किसी भी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले उन्हें अपनी बात रखने का मौका दिए जाने के साथ उनकी शिकायतों के निवारण के लिए सरकार से अपील की।
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वहीं इस मौके पर आइडीपी के प्रधान आईडी खजूरिया ने कहा कि वर्ष 1992 में हुए संघर्ष के बाद तत्कालीन जम्मू कश्मीर सरकार ने कुछ डेलीवेजरों को नियमित किया था, लेकिन कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कोई कानून नही बना। जिसके कारण दशकों तक सेवा देने के बाद भी डेलीवेजरों के हाथ खाली हैं। जिनके लिए एक व्यापक अधिनियम लागू किए जाने की जरूरत है। क्योंकि वह सरकार और प्रशासन के कामकाज का एक अहम हिस्सा हैं, लेकिन उनके रोजगार में अनेक समस्याएं और अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी सेवा के नाम पर लगाए जाने वाले इन कर्मचारियों को सरकार न तो एक कर्मचारी के तौर पर मिलने वाले लाभ दे रही है। न ही मजदूर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाए गए प्रावधानों का कोई लाभ मिल रहा है।
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इसी को देखते हुए डेलीवेजरों के कल्याण के लिए सरकार के समक्ष एक प्रारूप भी पेश किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस पर कार्रवाई होगी। क्योंकि इससे ही डेलीवेजरों के जीवन में सुधार आएगा और उनकी सेवाओं को सम्मान मिल सकेगा।
इस मौके पर विश्वकर्मा सभा कठुआ के प्रधान करतार वर्मा, मास्टर खजूर सिंह, बिशन दास लडवाल, पुरुषोत्तम सिंह, हेमराज, हाशिम दीन, विजय पुरी, सूर्य प्रकाश, प्रदीप शर्मा आदि भी मौजूद रहे।