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बिजली तंत्र में सुधार कठिन

Tue, 03 Nov 2015 01:24 AM IST
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 03 Nov 2015 01:24 AM IST
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It is very difficult to improve electricity supply system

कठुआ जिला में बिजली तंत्र में सुधार के दावे एक बार फिर हाशिए पर हैं। पुरानी बिजली की तारों, अधमरे ट्रांसफार्मरों और ढांचे की खस्ताहालत का बोझ ढो रहे विभाग को अभी कठुआ में राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।

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दरअसल बिजली तंत्र की दुर्दशा से जूझ रहे जम्मू संभाग को आरएपीडीआपी के तहत आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सुधारने की दिशा में कदम तो बढ़ा दिए गए हैं पर तीन साल बीत जाने के बाद भी कठुआ जिला में काम शुरू नहीं हो सका।
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सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कंपनी को कठुआ में बिजली तंत्र में सुधार के लिए आरएपीडीआरपी योजना को जमीनी स्तर परर शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी उसकी मियाद भी खत्म हो गई। ऐसे में योजना भी लंबित पड़ गई है।
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विभागीय सूत्रों की मानें तो एक बार फिर टेंडरिंग प्रक्रिया होगी और यदि ऐसा नही हुआ तो जम्मू में काम को अंजाम दे रही इरकॉन कंपनी को ही कठुआ में भी काम करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

उल्लेखनीय है उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कठुआ जिला सचिवालय में हुई हालिया बैठक में भी कंपनी द्वारा 31 अक्तूबर तक काम शुरू न किए जाने की स्थिति में करार खत्म करने की बात कही थी।

देश भर में लागू होने के बाद आरएपीडीआरपी स्कीम को बिजली तंत्र में सुधार का एक नायाब तरीका मानकर राज्य के तीस शहरों और कसबों में भी लागू करने की कवायद जारी है। इसी कड़ी में जम्मू संभाग के ग्यारह बड़े शहरों और कसबों में भी आरएपीडीआपी को लागू किया जा रहा है।

जम्मू संभाग में आरएपीडीआरपी के लिए 781.91 करोड़ और स्काडा के लिए 27.69 करोड़ की राशि मंजूर हुई है। कुल लागत का अनुमान 809.67 करोड़ आंका जा रहा है।

विभागीय अधिकारियों की मानें तो इस स्कीम के लागू होने से ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लासेस को कम करने में सहायता होगी जो इस समय अधिकतर मीटर्ड और अनमीटर्ड ट्रांसफार्मरों पर साठ से सत्तर प्रतिशत के लगभग हैं।

जम्मू संभाग में जम्मू शहर, अखनूर, भद्रवाह, डोडा, कठुआ, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, सांबा और पायलेट कसबे के रूप में आरएस पुरा कसबे को पूरा किया जाना है। इस योजना को दस हजार से अधिक आबादी वाले शहरों और कसबों में लागू करने की योजना है।

वर्तमान में पावर फाइनेंस कारपोरेशन इस योजना को राज्य में लागू करने पर पूरे नजर बनाए हुए है। तीन वर्ष के भीतर आरएपीडीआरपी को इन चुनिंदा शहरों और कसबों में लागू किया जाना था लेकिन जम्मू को छोड़कर अन्य सभी जगह यह योजना समय से पिछड़ गई है।


मुख्य अभियंता बिजली विभाग अश्विनी गुप्ता के मुताबिक जम्मू संभाग में बिजली की अव्यवस्था को सुधारने में आरएपीडीआपी एक मील का पत्थर साबित होगी।

इस योजना के तहत 16 और 25 केवीए के छोटे ट्रांस्फार्मर सघन आबादी वाले क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। कठुआ में इसे अमल में लाने के लिए निविदा प्रक्रिया की गई थी लेकिन जिस कंपनी को यह काम सौंपा गया था उसकी मियाद भी 31 अक्तूबर को पूरी हो चुकी है।



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