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उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना
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प्रधान सचिव को शाहपुर कंडी परियोजना के संबंध में जानकारी देते डीसी राहुल पांडेय
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। जम्मू-कश्मीर की पहली बहुउद्देशीय एवं राष्ट्रीय महत्व की उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना के डिजाइन में बड़े बदलाव के बाद अब इसे जमीनी स्तर पर शुरू करने की तैयारी की जा रही है। शनिवार को कठुआ पहुंचे जलशक्ति विभाग के प्रधान सचिव अशोक कुमार परमार ने डीसी कठुआ और सांबा को निर्देश दिए हैं कि परियोजना के लिए विभिन्न विभागों से ली जाने वाली क्लीयरेंस को लेकर काम में तेजी लाई जाए।
उज्ज मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट की पहली डीपीआर में लागत 9167 करोड़ थी, और परियोजना से 196 मेगावाट बिजली बनाई जानी थी। जनवरी में टीएसी की 148वीं बैठक के दौरान परियोजना में बिजली के बजाय पानी प्रबंधन पर फोकस किया गया है। इसके बाद इसकी लागत 11907.77 करोड़ मंजूर कर ली गई है। यह अनुमान वर्ष 2019 की योजना पर आधारित है।
वर्तमान में परियोजना क्रियान्वयन के लिए लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। विशेषज्ञ अपने-अपने सुझाव दे रहे हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके बिजली उत्पादन के पहलु में किया गया है। पर्यावरणीय क्षति को रोकने के लिए 196 मेगावाट की जगह अब महज 90 मेगावाट के लगभग बिजली उत्पादन क्षमता प्रस्तावित की गई है।
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जलशक्ति विभाग के प्रधान सचिव अशोक कुमार परमार ने बताया शाहपुर कंडी की ही तरह उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना भी केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना है। परियोजना 9103 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई सुनिश्चित करेगा। बताया कि पर्यावरण, वन, वन्यजीव इसके साथ साथ पुनर्वास के लिए फेज टू के लिए डीसी सांबा और कठुआ को निर्देश जारी किए गए हैं। यह परियोजना जम्मू संभाग के एक बड़े क्षेत्र की सिंचाई सुनिश्चित करेगी और खास तौर पर कंडी के इलाकों में खेतों को पानी सुनिश्चित हो पाएगा।
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उज्ज मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट की पहली डीपीआर में लागत 9167 करोड़ थी, और परियोजना से 196 मेगावाट बिजली बनाई जानी थी। जनवरी में टीएसी की 148वीं बैठक के दौरान परियोजना में बिजली के बजाय पानी प्रबंधन पर फोकस किया गया है। इसके बाद इसकी लागत 11907.77 करोड़ मंजूर कर ली गई है। यह अनुमान वर्ष 2019 की योजना पर आधारित है।
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वर्तमान में परियोजना क्रियान्वयन के लिए लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। विशेषज्ञ अपने-अपने सुझाव दे रहे हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके बिजली उत्पादन के पहलु में किया गया है। पर्यावरणीय क्षति को रोकने के लिए 196 मेगावाट की जगह अब महज 90 मेगावाट के लगभग बिजली उत्पादन क्षमता प्रस्तावित की गई है।
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जलशक्ति विभाग के प्रधान सचिव अशोक कुमार परमार ने बताया शाहपुर कंडी की ही तरह उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना भी केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना है। परियोजना 9103 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई सुनिश्चित करेगा। बताया कि पर्यावरण, वन, वन्यजीव इसके साथ साथ पुनर्वास के लिए फेज टू के लिए डीसी सांबा और कठुआ को निर्देश जारी किए गए हैं। यह परियोजना जम्मू संभाग के एक बड़े क्षेत्र की सिंचाई सुनिश्चित करेगी और खास तौर पर कंडी के इलाकों में खेतों को पानी सुनिश्चित हो पाएगा।