फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   health news

Kathua News: 16 लाख की दो एंबुलेंस बनीं शोपीस, दो साल में स्वास्थ्य विभाग नहीं भर सका पंजीकरण फीस

विज्ञापन
health news
रामकोट। पंजीकरण नहीं होने से 16 लाख रुपये की दो मिनी एंबुलेंस दो साल से शोपीस बनकर खड़ी हैं। एक एंबुलेंस प्राथमिक उपचार केंद्र रामकोट और दूसरी लाखड़ी में कबाड़ हो रही है। इन गाड़ियों की मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। इमरजेंसी में दूर दराज के मरीजों को निजी गाड़ियों से अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। इससे जहां लोगों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं परेशान भी होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मरीजों की सुविधा के लिए दो साल पहले दोनों एंबुलेंस खरीदी गई थीं। रामकोट अस्पताल को डीडीसी फंड और लाखड़ी को एंबुलेंस लाखड़ी पंचायत के फंड से मिली थी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग अभी तक न तो इनका पंजीकरण करवा पाया है और न ही इंश्योरेंस। इससे गाड़ियां अस्पताल में महीनों से एक जगह खड़ी जंग खा रही हैं। लोगों ने इन एंबुलेंस को जल्द चलाने की मांग की है। वहीं, लोगों ने प्राथमिक उपचार केंद्र लाखड़ी से उप जिला अस्पताल बिलावर में शिफ्ट की एंबुलेंस का विरोध किया है। मांग की कि जल्द गाड़ी को वापस पंचायत लाखड़ी में भेजा जाए।
विज्ञापन


मासिक बैठक में दो बार उठाया मामला
मासिक बैठकों में दो बार स्वास्थ्य विभाग को दो साल पहले दी एंबुलेंस के पंजीकरण के लिए कह चुके हैं। लेकिन, बावजूद इसके अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया गया है। इससे गाड़ियों का मरीजों को फायदा नहीं मिल रहा है। विभाग जल्द गाड़ियों का पंजीकरण करवाकर लोगों को सुविधा प्रदान करें।
विज्ञापन
विज्ञापन




-नारायण दत्त त्रिपाठी, सदस्य जिला विकास परिषद, नगरोटा गुजरू
-----------

खड़ी रहने से गाड़ियों की बैटरी हो रही खराब
दो साल से एक जगह खड़ी रहने से दोनों गाड़ियों की बैटरी खराब हो रही हैं। पंजीकरण के अलावा अभी इंश्योरेंस भी नहीं करवाया गया है। इसके चलते लोगों को इमरजेंसी में मरीजों को निजी गाड़ियां हायर कर अस्पताल ले जाना पड़ रहा है। विभाग को इस मामले का जल्द समाधान करवाना चाहिए।


मोहिंदर सिंह मनकोटिया, सामाजिक कार्यकर्ता
----------
कोट
जरूरत में प्राथमिक उपचार केंद्र रामकोट की मिनी एंबुलेंस को चलाया जा रहा है। लेकिन, लाखड़ी में खड़ी एंबुलेंस बंद है। दोनों गाड़ियों के पंजीकरण के लिए उच्चाधिकारियों को फंड मुहैया करवाने के लिए लिखा गया है, लेकिन अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। फंड आने पर पंजीकरण और इंश्योरेंस करवाकर गाड़ियों को शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. हरविंदर सिंह, बीएमओ, बिलावर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed