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महाराजा हरि सिंह की जयंती पर दी जाए सरकारी छुट्टी
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कठुआ। महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी अवकाश किए जाने की मांग को लेकर जम्मू में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को खदेड़े जाने का राजपूत करणी सेना ने कड़ा विरोध किया है। वीरवार को राजपूत करणी सेना के सदस्यों ने इसके खिलाफ रोष रैली निकालकर राज्यपाल प्रशासन के खिलाफ अपने रोष का इजहार किया।
कॉलेज रोड पर जिला सचिवालय से निकाले गए रोष मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कालीबडी में हाईवे पर बैठकर जोरदार नारेबाजी करते महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी छुट्टी किए जाने की मांग की। करीब आधा घंटा रोड जामकर रखा जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च निकालते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने धरना देकर सरकार के रवैए पर अपना रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बबलू सिंह जसरोटिया ने कहा कि महाराजा हरि सिंह जम्मू कश्मीर के हर डोगरा के नायक हैं। इसी के चलते पिछले कई सालों से उनकी जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित किए जाने की मांग की जा रही है। इसी क्रम में गत दिनों जम्मू में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। जिसे कुचलने के लिए वहां धारा 144 लगाकर प्रदर्शन को जबरिया खत्म करवाया गया है। यह घटना डोगरों की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसका वह विरोध करते हैं। आगे उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के शासन में जम्मू संभाग में जगह-जगह शराब की दुकानें खुल रही है। गांव-गांव में नशे के पदार्थों का कारोबार हो रहा है। जिसके कारण हमारे युवा गलत आदतों का शिकार हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रयास नहीं हो रहा है। जबकि हमारे युवाओं को अच्छी प्रेरणा देने वाले नायक की जयंती पर अवकाश की मांग करने वालों पर अनावश्यक रूप से बल का प्रयोग किया जा रहा है। जिसे वह बर्दाश्त नही करेंगे। उन्होंने कहा कि
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हमारा मुख्य लक्ष्य सरकार से 23 सितंबर को केवल अवकाश प्राप्त करना है। इसके लिए वह कोई भी कदम उठाने के लिए तैयार है। क्योंकि जम्मू कश्मीर में अब तक जितनी भी सरकारें आई उन्होंने महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस पर छुट्टी की घोषणा नहीं की है। प्रदर्शन में शामिल भोपिल सिंह ने कहा कि महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश की घोषणा करने से पूर्व सरकार ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया था लेकिन एक साल से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी इस कमेटी की रिपोर्ट को आजतक न तो सार्वजनिक किया गया और न ही लोगों की मांग को देखते हुए अवकाश की घोषणा की गई। जिससे साफ है कि आज भी जम्मू कश्मीर की सरकार यहां डोगरों के साथ छल की राजनीति कर रही है। जिसे अब बर्दाश्त करना संभव नहीं रहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग पर गौर नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन होगा जिसकी जिम्मेदार जम्मू कश्मीर सरकार की होगी।
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कॉलेज रोड पर जिला सचिवालय से निकाले गए रोष मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कालीबडी में हाईवे पर बैठकर जोरदार नारेबाजी करते महाराजा हरि सिंह की जयंती पर सरकारी छुट्टी किए जाने की मांग की। करीब आधा घंटा रोड जामकर रखा जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च निकालते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने धरना देकर सरकार के रवैए पर अपना रोष जताया।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बबलू सिंह जसरोटिया ने कहा कि महाराजा हरि सिंह जम्मू कश्मीर के हर डोगरा के नायक हैं। इसी के चलते पिछले कई सालों से उनकी जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित किए जाने की मांग की जा रही है। इसी क्रम में गत दिनों जम्मू में महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा था। जिसे कुचलने के लिए वहां धारा 144 लगाकर प्रदर्शन को जबरिया खत्म करवाया गया है। यह घटना डोगरों की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसका वह विरोध करते हैं। आगे उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के शासन में जम्मू संभाग में जगह-जगह शराब की दुकानें खुल रही है। गांव-गांव में नशे के पदार्थों का कारोबार हो रहा है। जिसके कारण हमारे युवा गलत आदतों का शिकार हो रहे हैं। इसे रोकने के लिए सरकार की ओर से प्रयास नहीं हो रहा है। जबकि हमारे युवाओं को अच्छी प्रेरणा देने वाले नायक की जयंती पर अवकाश की मांग करने वालों पर अनावश्यक रूप से बल का प्रयोग किया जा रहा है। जिसे वह बर्दाश्त नही करेंगे। उन्होंने कहा कि
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हमारा मुख्य लक्ष्य सरकार से 23 सितंबर को केवल अवकाश प्राप्त करना है। इसके लिए वह कोई भी कदम उठाने के लिए तैयार है। क्योंकि जम्मू कश्मीर में अब तक जितनी भी सरकारें आई उन्होंने महाराजा हरि सिंह के जन्मदिवस पर छुट्टी की घोषणा नहीं की है। प्रदर्शन में शामिल भोपिल सिंह ने कहा कि महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश की घोषणा करने से पूर्व सरकार ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया था लेकिन एक साल से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी इस कमेटी की रिपोर्ट को आजतक न तो सार्वजनिक किया गया और न ही लोगों की मांग को देखते हुए अवकाश की घोषणा की गई। जिससे साफ है कि आज भी जम्मू कश्मीर की सरकार यहां डोगरों के साथ छल की राजनीति कर रही है। जिसे अब बर्दाश्त करना संभव नहीं रहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग पर गौर नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन होगा जिसकी जिम्मेदार जम्मू कश्मीर सरकार की होगी।