{"_id":"613fa0688ebc3ece353ceb06","slug":"ganesh-chaturthi-kathua-news-jmu2435759120","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं ने किया गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं ने किया गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन
विज्ञापन
बेडियापत्तन स्थित नहर में श्री गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे भक्त, संवाद।
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। शहर में श्री गणेश चतुर्थी पर स्थापित की गईं भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन करने का क्रम शुरू हो गया है। सोमवार को शहर के बेड़िया पत्तन में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री गणेश की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन कर विर्सजन किया।
ढोल-नगाड़ों के साथ गुलाल की होली खेलते हुए गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे भक्तों में इस दौरान अजब सा उत्साह देखते ही बन रहा था। अपने घर में स्थापित की गई गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने परिवार के साथ पहुंचे जितेंद्र कुमार ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर स्थापित की जाने वाली प्रतिमाओं का पूजा के बाद आज विसर्जन किया जा रहा है। वैसे भगवान गणेश की पूजा का गणेश चतुर्थी से लेकर बैकुंठ चतुर्दशी तक पूजन का प्रावधान है। इस दौरान पर्व को भक्त उत्सव की तरह मनाते हैं, ताकि विघ्नहर्ता का आशीष उनके परिवार पर बना रहे।
आपको बता दें कि पिछले 10 सालों से शहर में इस पर्व को मनाने की परंपरा तेजी से बढ़ी है। इस दौरान जहां सार्वजनिक पंडाल सजाकर शहर में जगह-जगह भगवान की पूजा की जा रही है, वहीं काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की प्रतिमा अपने घरों में स्थापित की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ढोल-नगाड़ों के साथ गुलाल की होली खेलते हुए गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करने पहुंचे भक्तों में इस दौरान अजब सा उत्साह देखते ही बन रहा था। अपने घर में स्थापित की गई गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने परिवार के साथ पहुंचे जितेंद्र कुमार ने बताया कि गणेश चतुर्थी पर स्थापित की जाने वाली प्रतिमाओं का पूजा के बाद आज विसर्जन किया जा रहा है। वैसे भगवान गणेश की पूजा का गणेश चतुर्थी से लेकर बैकुंठ चतुर्दशी तक पूजन का प्रावधान है। इस दौरान पर्व को भक्त उत्सव की तरह मनाते हैं, ताकि विघ्नहर्ता का आशीष उनके परिवार पर बना रहे।
विज्ञापन
आपको बता दें कि पिछले 10 सालों से शहर में इस पर्व को मनाने की परंपरा तेजी से बढ़ी है। इस दौरान जहां सार्वजनिक पंडाल सजाकर शहर में जगह-जगह भगवान की पूजा की जा रही है, वहीं काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री गणेश की प्रतिमा अपने घरों में स्थापित की है।
विज्ञापन