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Kathua News: पर्यटकों में नई उमंग भर गया सरथल का पहला विंटर फेस्टिवल
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सरथल विंटर फेस्टिवल के दौरान गद्दी लोकनृत्य कुड की प्रस्तुति देते स्थानीय कलाकार
-खानपान से लेकर लोकनृत्य और लोक गायकी का लोगों ने उठाया लुत्फ
-पर्यटकों ने बर्फ का लिया लुत्फ, छत्रगलां तक दिनभर रही पर्यटकों की रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल, सरथल में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित पहला विंटर फेस्टिवल लोगों में नई उमंग भर गया। शून्य के आसपास तापमान और सर्द हवाओं के बीच भी पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों का जोश देखते ही बनता था। मेले में पारंपरिक खानपान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
बनी के बर्फ से लदे पहाड़ों के बीच सरथल की वादी में मंगलवार को सरथल में विंटर फेस्टिवल का उद्घाटन डीसी कठुआ डॉ. राकेश मिन्हास ने किया। वहीं मंडलायुक्त रमेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ मेला दोपहर चार बजे तक चला। बनी के विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने पहले महोत्सव के आयोजन में जिला और उप-मंडल प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल सरथल घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी, साथ ही पर्यटन में वृद्धि के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।
उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने जनता को आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के और अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कहा यह महोत्सव सरथल घाटी को शीतकालीन पर्यटन के केंद्र में बदलने की हमारी यात्रा की शुरुआत है। हम देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेले में वॉलीबाल और अन्य खेल गतिविधियां भी शामिल रहीं। उधर, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए थे।
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टैलेंट हंट प्रतियोगिता में अनवेशा अव्वल, जीता दस हजार का नकद पुरस्कार
प्रशासन की ओर से मेले में लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए टैलेंट हंट प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें बनी समेत जिले के विभिन्न हिस्सों से 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया। लघुनाटक, लोकनृत्य, लोक गायकी और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ प्रतिभागियों ने मंच पर खूब धमाल मचाई। नृत्य प्रतियोगिता में अनवेशा नय्यर ने पहला पुरस्कार दस हजार रुपये नकद का जीता। वहीं दीपका और मन्नत की जोड़ी ने पांच हजार का दूसरा पुरस्कार हासिल किया। गायकी में कैलाश दास ने तृतीय स्थान हासिल किया।
माए नी मेरिए; चंबा नी जाना, सरथल जाना जरूर
जम्मू की गायिका सोनाली डोगरा ने अपनी गायकी से सरथल विंटर फेस्टिवल में स्वर लहरियों से समा बांध दिया। डुग्गर लोकगीतों की एक से बढ़कर एक शृंखला के साथ उन्होंने पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया। डोगरी, हिमाचली, पंजाबी के साथ-साथ उन्होंने दर्शकों की फरमाइश पर भद्रवाही और कश्मीरी गीतों को भी प्रस्तुत किया। दर्शकदीर्घा में बैठे लोगों के साथ अतिथियों को भी थिरकने को मजबूर कर दिया। बनी से सटे हिमाचल के चंबा जिले में जाने वाले पर्यटकों को उन्होंने लोकगीत चंबा जाना जरूर की नई तर्ज सरथल जाना जरूर के साथ आकर्षित किया।
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-पर्यटकों ने बर्फ का लिया लुत्फ, छत्रगलां तक दिनभर रही पर्यटकों की रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल, सरथल में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित पहला विंटर फेस्टिवल लोगों में नई उमंग भर गया। शून्य के आसपास तापमान और सर्द हवाओं के बीच भी पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों का जोश देखते ही बनता था। मेले में पारंपरिक खानपान के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
बनी के बर्फ से लदे पहाड़ों के बीच सरथल की वादी में मंगलवार को सरथल में विंटर फेस्टिवल का उद्घाटन डीसी कठुआ डॉ. राकेश मिन्हास ने किया। वहीं मंडलायुक्त रमेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुआ मेला दोपहर चार बजे तक चला। बनी के विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने पहले महोत्सव के आयोजन में जिला और उप-मंडल प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल सरथल घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगी, साथ ही पर्यटन में वृद्धि के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।
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उपायुक्त डॉ. राकेश मिन्हास ने जनता को आश्वासन दिया कि इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के और अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कहा यह महोत्सव सरथल घाटी को शीतकालीन पर्यटन के केंद्र में बदलने की हमारी यात्रा की शुरुआत है। हम देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेले में वॉलीबाल और अन्य खेल गतिविधियां भी शामिल रहीं। उधर, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्टॉल भी लगाए गए थे।
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टैलेंट हंट प्रतियोगिता में अनवेशा अव्वल, जीता दस हजार का नकद पुरस्कार
प्रशासन की ओर से मेले में लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए टैलेंट हंट प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें बनी समेत जिले के विभिन्न हिस्सों से 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया। लघुनाटक, लोकनृत्य, लोक गायकी और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ प्रतिभागियों ने मंच पर खूब धमाल मचाई। नृत्य प्रतियोगिता में अनवेशा नय्यर ने पहला पुरस्कार दस हजार रुपये नकद का जीता। वहीं दीपका और मन्नत की जोड़ी ने पांच हजार का दूसरा पुरस्कार हासिल किया। गायकी में कैलाश दास ने तृतीय स्थान हासिल किया।
माए नी मेरिए
जम्मू की गायिका सोनाली डोगरा ने अपनी गायकी से सरथल विंटर फेस्टिवल में स्वर लहरियों से समा बांध दिया। डुग्गर लोकगीतों की एक से बढ़कर एक शृंखला के साथ उन्होंने पर्यटकों का खूब मनोरंजन किया। डोगरी, हिमाचली, पंजाबी के साथ-साथ उन्होंने दर्शकों की फरमाइश पर भद्रवाही और कश्मीरी गीतों को भी प्रस्तुत किया। दर्शकदीर्घा में बैठे लोगों के साथ अतिथियों को भी थिरकने को मजबूर कर दिया। बनी से सटे हिमाचल के चंबा जिले में जाने वाले पर्यटकों को उन्होंने लोकगीत चंबा जाना जरूर की नई तर्ज सरथल जाना जरूर के साथ आकर्षित किया।