हीरानगर। बिजली बिल माफ करने और खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग को लेकर मढीन में किसानों की ओर से 2 अक्तूबर को शुरू किया गया धरना सोमवार को दसवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे किसानों ने कहा सरकार उनके सब्र का इम्तिहान ले रही है, लेकिन वह मांगे पूरी होने तक इसी तरह से डटे रहेंगे।
धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता चौधरी शिवदेव सिंह ने कहा जैसे-जैसे दिन बढ़ रहे हैं हमारा संघर्ष मजबूत होता जा रहा है। चंद किसानों ने धरना शुरू किया था आज आसपास के गांवों के कई लोग हमारा समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा अगर सरकार हमारी इसलिए अनदेखी कर रही है कि कुछ दिनों बाद हम धरना खत्म कर देंगे, तो हम यह स्पष्ट कर दें कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं हमारा संघर्ष यूं ही चलता रहेगा। सड़कों पर उतरने की जरूरत पड़ी तो भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा वर्ष 2003 और 2020 में खराब हुई फसलों के मुआवजे और किसानों के बिजली बिल माफ करने की मांग को लेकर यह धरना शुरू किया गया है। आर्थिक तंगी से गुजर रहे किसानों को सरकार की ओर से कोई सहायता न मिलने के कारण उनके लिए लाखों रुपये के बिजली बिल भरना मुश्किल हो रहा है। इसी दौरान उन्होंने नए कृषि कानूनों का भी विरोध किया। धरने में नेकां नेता धर्मपाल कुंडल, मखनी बंदराल, नरेश कुमार, प्रकाश चंद, परसोत्तम कुमार आदि मौजूद रहे।