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तीन साल बाद खुलासा: पुलवामा हमले के सरगना और पाकिस्तानी हवलदार का फर्जी पहचान पत्र बरामद, जांच में जुटी सेना
Mon, 09 Mar 2026 11:51 PM IST
Nikita Gupta
अमर उजाला, नेटवर्क कठुआ
अमर उजाला, नेटवर्क कठुआ
Published by: Nikita Gupta
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:51 PM IST
सार
नजोत जंगल में सुरक्षाबलों को पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक और पाकिस्तानी हवलदार खालिद उस्मान के नाम के दो फर्जी पहचान पत्र मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
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फर्जी पहचान पत्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तीन साल से अति संवेदनशील बिलावर के नजोत में सुरक्षाबलों को पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी उमर फारूक और पाकिस्तानी पैरामिलिट्री फ्रंटियर कोर बलोचिस्तान के हवलदार का पहचान पत्र मिला है।
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उधर, सेना की ओर से पहचान पत्र फोटोकॉपी किए हुए और फर्जी बताए जा रहे हैं लेकिन मामले की गहनता से जांच की जा रही है।सूत्रों के अनुसार सेना के जवान सोमवार को नजोत इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जंगल में दो पहचान पत्र बरामद किए गए। एक पहचान पत्र पर पाकिस्तानी नागरिकता वाले आतंकी मोहम्मद उमर फारूक का नाम दर्ज है। इसकी वैधता तीन सितंबर 2021 की समाप्त हो चुकी है।
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पुलवामा हमले के एक महीने बाद ही जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उमर जैश के सरगना मौलाना मसूद अजहर का भतीजा था।
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दूसरे पहचान पत्र पर एक पाकिस्तानी फ्रंटियर कोर बलोचिस्तान के हवलदार खालिद उस्मान का नाम लिखा है। इसकी वैधता भी दिसंबर 2023 में समाप्त हो चुकी है। भारत की सीमा के काफी भीतर तक यह पहचान मिलने से सुरक्षा एजेंसियां भी चौकस हैं। बता दें कि नजोत में आतंकी लगातार सक्रिय रहे हैं और यहां कई मुठभेड़ हो चुकी हैं। उधर, कठुआ जिले के एसएसपी मोहिता शर्मा का कहना है कि पहचान पत्र पूरी तरह से फर्जी हैं।