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Kathua News: लगातार हादसों के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
Sun, 13 Jul 2025 12:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:45 AM IST
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बनी-बसोहली मार्ग पर तीखे मोड़ पर रिफ्लेक्टर और पैराफीट नहीं, सड़क सुरक्षा में कई खामियां
बनी। बनी-बसोहली मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसे अब जनजीवन के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। हाल ही में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुरक्षा की कमी की ओर सबका ध्यान
खींचा है।
सड़क के किनारों पर क्रैश बैरियर, पैराफिट्स, वाइट लाइनिंग, चेतावनी संकेत बोर्ड और सड़क सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी है, जिसके कारण अक्सर हादसे हो रहे हैं। लोग लगातार प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा उपायों की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई तभी होती है जब किसी की जान चली जाती है।
हाल ही में हुए हादसे के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों के दबाव के चलते प्रशासन हरकत में आया और कुछ संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर और पैराफिट्स लगाने का काम शुरू किया गया है। हालांकि यह शुरुआत राहत की बात है, लेकिन लोगों का सवाल अब भी यही है क्या हर हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी? क्या प्रशासन को किसी की जान जाने के बाद ही जागना होगा। तीखे मोड़ों पर वॉर्निंग बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, साथ ही पूरी सड़क पर वाइट लाइनिंग की जाए ताकि रात के समय गाड़ियों को दिशा मिल सके और हादसों में कमी लाई जा सके।
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जनता का कहना है कि जब तक पूरी सड़क पर समुचित सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, तब तक हादसे थमने वाले नहीं हैं। प्रशासन को चाहिए कि पूरे रोड नेटवर्क की सुरक्षा ऑडिट कर तत्काल कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपनों की जान गंवाने का दर्द न सहना पड़े।
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बनी। बनी-बसोहली मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसे अब जनजीवन के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। हाल ही में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण सड़क पर सुरक्षा की कमी की ओर सबका ध्यान
खींचा है।
सड़क के किनारों पर क्रैश बैरियर, पैराफिट्स, वाइट लाइनिंग, चेतावनी संकेत बोर्ड और सड़क सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी है, जिसके कारण अक्सर हादसे हो रहे हैं। लोग लगातार प्रशासन से सड़क पर सुरक्षा उपायों की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई तभी होती है जब किसी की जान चली जाती है।
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हाल ही में हुए हादसे के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों के दबाव के चलते प्रशासन हरकत में आया और कुछ संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर और पैराफिट्स लगाने का काम शुरू किया गया है। हालांकि यह शुरुआत राहत की बात है, लेकिन लोगों का सवाल अब भी यही है क्या हर हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी? क्या प्रशासन को किसी की जान जाने के बाद ही जागना होगा। तीखे मोड़ों पर वॉर्निंग बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, साथ ही पूरी सड़क पर वाइट लाइनिंग की जाए ताकि रात के समय गाड़ियों को दिशा मिल सके और हादसों में कमी लाई जा सके।
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जनता का कहना है कि जब तक पूरी सड़क पर समुचित सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते, तब तक हादसे थमने वाले नहीं हैं। प्रशासन को चाहिए कि पूरे रोड नेटवर्क की सुरक्षा ऑडिट कर तत्काल कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अपनों की जान गंवाने का दर्द न सहना पड़े।