{"_id":"68d44afcc95798375e0f52d6","slug":"dr-rohit-from-kathua-is-among-the-top-two-percent-scientists-in-the-world-for-the-second-consecutive-time-kathua-news-c-201-1-knt1008-124487-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: कठुआ के डॉ. रोहित लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: कठुआ के डॉ. रोहित लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल
विज्ञापन
डॉ रोहित जसरोटिया
जिले के वार्ड नंबर 10 निवासी डॉ. रोहित जसरोटिया ने विज्ञान के क्षेत्र में एक बार फिर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा जारी विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में उन्हें लगातार दूसरी बार (2024 और 2025) स्थान मिला है।
डॉ. रोहित जसरोटिया ने अपनी स्नातक शिक्षा राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ से पूरी की जो जम्मू विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इसके बाद उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर से भौतिकी में स्नातकोत्तर और शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन (हिमाचल प्रदेश) से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में वे शूलिनी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं साथ ही मलेशिया स्थित आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में रिसर्च फेलो के रूप में भी जुड़े हुए हैं। उनका शोध क्षेत्र चुंबकीय नैनोमैटेरियल्स पर केंद्रित है, जिसका उपयोग अपशिष्ट जल शोधन और हरित हाइड्रोजन उत्पादन जैसे पर्यावरणीय और ऊर्जा समाधान में किया जा रहा है।
डॉ. जसरोटिया को भारत सरकार के बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विभाग और शूलिनी विश्वविद्यालय द्वारा पेटेंट ग्रांट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।
विज्ञापन
डॉ. रोहित जसरोटिया ने अपनी स्नातक शिक्षा राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ से पूरी की जो जम्मू विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इसके बाद उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर से भौतिकी में स्नातकोत्तर और शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन (हिमाचल प्रदेश) से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में वे शूलिनी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं साथ ही मलेशिया स्थित आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में रिसर्च फेलो के रूप में भी जुड़े हुए हैं। उनका शोध क्षेत्र चुंबकीय नैनोमैटेरियल्स पर केंद्रित है, जिसका उपयोग अपशिष्ट जल शोधन और हरित हाइड्रोजन उत्पादन जैसे पर्यावरणीय और ऊर्जा समाधान में किया जा रहा है।
विज्ञापन
डॉ. जसरोटिया को भारत सरकार के बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) विभाग और शूलिनी विश्वविद्यालय द्वारा पेटेंट ग्रांट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।