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महामाई के दरबार के लिए रवाना हुए श्रद्धालु
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बिलावर। कस्बे से सटे किशनपुर गांव से रविवार को चंडी माता दौला के दरबार के लिए वार्षिक यात्रा रवाना हुई। यात्रा में गांव के करीब 500 लोगों ने हिस्सा लिया। रविवार सुबह सात बजे पारंपरिक तरीके से गांव के सैकड़ों श्रद्धालु ढोल नगाड़ों के साथ महामाई के दरबार के लिए रवाना हुए।
बता दें कि इस वार्षिक यात्रा का आयोजन वर्ष 1966 में किया गया था। इसके बाद से लगातार गांव के लोग बड़ी विधानसभा क्षेत्र में स्थित चंडी माता दौला के दरबार में हर वर्ष जाते हैं। इस वर्ष भी प्रथा को निभाते हुए गांव के करीब 500 श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए गए हैं। कई लोगों की ओर से यात्रियों कि खाने-पीने की व्यवस्था के लिए रास्ते में भंडारे भी लगाए जाते हैं। यात्रियों ने बताया कि सभी यात्री शाम पांच बजे महामाई के दरबार में पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को दरबार में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दौला गांव में रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह महामाई के दर्शन करने के बाद सभी यात्री वापस लौटेंगे। लोगों में महामाई के प्रति ऐसी भावना है के महामाई कई प्रकार के कष्टों को दूर करती हैं। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की रक्षा करती है।
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बता दें कि इस वार्षिक यात्रा का आयोजन वर्ष 1966 में किया गया था। इसके बाद से लगातार गांव के लोग बड़ी विधानसभा क्षेत्र में स्थित चंडी माता दौला के दरबार में हर वर्ष जाते हैं। इस वर्ष भी प्रथा को निभाते हुए गांव के करीब 500 श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए गए हैं। कई लोगों की ओर से यात्रियों कि खाने-पीने की व्यवस्था के लिए रास्ते में भंडारे भी लगाए जाते हैं। यात्रियों ने बताया कि सभी यात्री शाम पांच बजे महामाई के दरबार में पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को दरबार में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दौला गांव में रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह महामाई के दर्शन करने के बाद सभी यात्री वापस लौटेंगे। लोगों में महामाई के प्रति ऐसी भावना है के महामाई कई प्रकार के कष्टों को दूर करती हैं। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की रक्षा करती है।
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