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छह जुलाई तक बहाल होगा बनी भद्रवाह मार्ग
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कठुआ/बनी। 31 मई को ओवरलोड वाहन के गुजरने से क्षतिग्रस्त हुए बनी भद्रवाह मार्ग पर अस्सो पुल से सटकर वैकल्पिक पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। सोमवार को पुल के दोनों किनारों को तैयार करने का काम बीआरओ की ओर से पूरा कर लिया गया है। अगले एक सप्ताह में इस पर बैली तकनीक के पुल को बांधकर पूरा करने की उम्मीद है। इसके लिए युद्धस्तर पर काम जारी है।
इस पुल की खास बात यह है कि यह एक महीने के भीतर ही तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए बैली पुल के ढांचे बीआरओ की ओर से विभिन्न जगहों से पहले ही ठिकाने पर पहुंचाए जा चुके हैं। पुल बांधने का काम मंगलवार से शुरू होने की उम्मीद है। सोमवार को बनी के एसडीएम जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने साइट पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया। बीआरओ की ओर से उन्हें वर्तमान स्थिति और लक्ष्य के संबंध में जानकारी दी गई।
अधिकारी ने बताया कि अस्सो में 180 फीट का डबल पुल था जो ओवरलोड वाहन के पार होने से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके चलते ट्रैफिक पिछले एक माह से पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बैली तकनीक से ही 110 फीट का नया पुल पुराने पुल से सटकर तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए कंक्रीट और किनारे तैयार करने का काम लगभग पूरा हो गया है। लोआंग, चांदल और सरथल समेत भद्रवाह को जिले से सीधा जोड़ने वाले इस रूट के ठप होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन महीने भर के भीतर ही एक वैकल्पिक पुल तैयार हो जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
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ज्ञात है कि बनी-भद्रवाह मार्ग जहां सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, वहीं कठुआ जिले को डोडा जिले से जोड़ने का काम भी करता है। सैद्धांतिक रूप से यह मार्ग नेशनल हाईवे घोषित हो चुका है और इस मार्ग से न सिर्फ दो जिलों की आवाजाही, बल्कि संस्कृतियां भी जुड़ती हैं।
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साल भर में स्थाई पुल भी तैयार होने की उम्मीद
बनी-भद्रवाह मार्ग पर अस्सो के बैली पुल की जगह नया पुल बनाने के लिए टेंडर पहले ही जारी कर दिए गए हैं। बीआरओ अधिकारी ने बताया कि अस्सो में इसी लोकेशन पर साठ मीटर स्पॉन का स्थाई पुल बनाया जा रहा है। टेंडर में वेल फाउंडेशन की योजना थी, लेकिन पत्थर आने से फाउंडेशन में बदलाव को लेकर केस मंजूरी के लिए भेजा गया है। उम्मीद है कि साल भर के भीतर स्थाई पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा।
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बुरी तरह से प्रभावित हुआ सरथल का पर्यटन सीजन
बनी के कई अनदेखे इलाकों में पहुंचे पर्यटक
कठुआ। जिले के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल सरथल में पर्यटन गतिविधियां इस बार बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। जम्मू, कठुआ, सांबा, आदि से सरथल का रूख करने वाले कई पर्यटकों को बीते एक महीने में निराश होकर लौटना पड़ा। इस बीच बनी सब डिवीजन में कई नए स्थल भी पर्यटकों की नजर में अब आ गए हैं। ढग्गर, चला से लेकर रौल्का में पर्यटकों की इस बार बहार रही है। हालांकि इन क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटक एक आध दिन में ही लौटने को मजबूर भी हुए।
उधर, कठुआ जिले से होकर सरथल पहुंचने वाले कई पर्यटक जानकारी मिलने के बाद भद्रवाह से होते हुए सरथल पहुंचे हैं। पर्यटकों के कम पहुंचने से सरथल के व्यापारी भी निराश हैं। उनका कहना है कि जल्द पुल बहाल हो तो एक बार फिर उनका क्षेत्र पर्यटकों से गुलजार हो सके।
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इस पुल की खास बात यह है कि यह एक महीने के भीतर ही तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए बैली पुल के ढांचे बीआरओ की ओर से विभिन्न जगहों से पहले ही ठिकाने पर पहुंचाए जा चुके हैं। पुल बांधने का काम मंगलवार से शुरू होने की उम्मीद है। सोमवार को बनी के एसडीएम जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने साइट पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया। बीआरओ की ओर से उन्हें वर्तमान स्थिति और लक्ष्य के संबंध में जानकारी दी गई।
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अधिकारी ने बताया कि अस्सो में 180 फीट का डबल पुल था जो ओवरलोड वाहन के पार होने से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके चलते ट्रैफिक पिछले एक माह से पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बैली तकनीक से ही 110 फीट का नया पुल पुराने पुल से सटकर तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए कंक्रीट और किनारे तैयार करने का काम लगभग पूरा हो गया है। लोआंग, चांदल और सरथल समेत भद्रवाह को जिले से सीधा जोड़ने वाले इस रूट के ठप होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन महीने भर के भीतर ही एक वैकल्पिक पुल तैयार हो जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
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ज्ञात है कि बनी-भद्रवाह मार्ग जहां सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, वहीं कठुआ जिले को डोडा जिले से जोड़ने का काम भी करता है। सैद्धांतिक रूप से यह मार्ग नेशनल हाईवे घोषित हो चुका है और इस मार्ग से न सिर्फ दो जिलों की आवाजाही, बल्कि संस्कृतियां भी जुड़ती हैं।
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साल भर में स्थाई पुल भी तैयार होने की उम्मीद
बनी-भद्रवाह मार्ग पर अस्सो के बैली पुल की जगह नया पुल बनाने के लिए टेंडर पहले ही जारी कर दिए गए हैं। बीआरओ अधिकारी ने बताया कि अस्सो में इसी लोकेशन पर साठ मीटर स्पॉन का स्थाई पुल बनाया जा रहा है। टेंडर में वेल फाउंडेशन की योजना थी, लेकिन पत्थर आने से फाउंडेशन में बदलाव को लेकर केस मंजूरी के लिए भेजा गया है। उम्मीद है कि साल भर के भीतर स्थाई पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा।
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बुरी तरह से प्रभावित हुआ सरथल का पर्यटन सीजन
बनी के कई अनदेखे इलाकों में पहुंचे पर्यटक
कठुआ। जिले के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल सरथल में पर्यटन गतिविधियां इस बार बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। जम्मू, कठुआ, सांबा, आदि से सरथल का रूख करने वाले कई पर्यटकों को बीते एक महीने में निराश होकर लौटना पड़ा। इस बीच बनी सब डिवीजन में कई नए स्थल भी पर्यटकों की नजर में अब आ गए हैं। ढग्गर, चला से लेकर रौल्का में पर्यटकों की इस बार बहार रही है। हालांकि इन क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी के चलते पर्यटक एक आध दिन में ही लौटने को मजबूर भी हुए।
उधर, कठुआ जिले से होकर सरथल पहुंचने वाले कई पर्यटक जानकारी मिलने के बाद भद्रवाह से होते हुए सरथल पहुंचे हैं। पर्यटकों के कम पहुंचने से सरथल के व्यापारी भी निराश हैं। उनका कहना है कि जल्द पुल बहाल हो तो एक बार फिर उनका क्षेत्र पर्यटकों से गुलजार हो सके।