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Kathua News: डेंगू-मलेरिया के एक-एक नए मामले, डेंगू के 41 और मलेरिया के 25 हुए मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार को दोनों बीमारियों का एक-एक नया मामला मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 41 और मलेरिया के मामलों की संख्या 25 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हीरानगर मेडिकल ब्लॉक के जल्ले चक्क में 21 वर्षीय युवक की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, जंगलोट में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग मलेरिया से संक्रमित पाया गया है। दोनों स्थानों पर नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संबंधित क्षेत्रों का दौरा किया और मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव करवाया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करवाएं। विभाग के अनुसार, डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और एहतियाती उपाय बेहद जरूरी हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीज को उचित उपचार मिल सकता है। इसलिए बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण सामने आने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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कठुआ। जिले में डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार को दोनों बीमारियों का एक-एक नया मामला मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 41 और मलेरिया के मामलों की संख्या 25 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हीरानगर मेडिकल ब्लॉक के जल्ले चक्क में 21 वर्षीय युवक की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, जंगलोट में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग मलेरिया से संक्रमित पाया गया है। दोनों स्थानों पर नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संबंधित क्षेत्रों का दौरा किया और मच्छरों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव करवाया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार आने पर लापरवाही न बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करवाएं। विभाग के अनुसार, डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूकता और एहतियाती उपाय बेहद जरूरी हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर बीमारी की पहचान होने से मरीज को उचित उपचार मिल सकता है। इसलिए बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण सामने आने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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