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गोविंदसर स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग, ग्रामीणों ने किया शांतिपूर्वक प्रदर्शन

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Demand to increase Govindasar school status
गोविंदसर स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। - फोटो : KATHUA
कठुआ। राजकीय उच्च विद्यालय गोविंदसर का दर्जा बढ़ाने की मांग को लेकर शनिवार को लोग सड़कों पर उतर आए। गोविंदसर गांव के लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का दर्जा बढ़ाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से विद्यालय का दर्जा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे क्षेत्र में रहने वाली मजदूर तबके के बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने में मुश्किलें पेश आ रहे हैं।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता शशि शर्मा ने कहा कि गांव में ज्यादातर मजदूर तबके की आबादी रहती है। उनकी आय इतनी नहीं है कि वह किसी दूसरे विद्यालय में बच्चों को पढ़ा सकें। ऐसे में गोविंदसर में ही बच्चों को पढ़ाई करवानी पड़ रही है, लेकिन स्कूल का दर्जा 10वीं तक ही होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई करने में मुश्किल हो रही है।
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उन्होंने कहा कि बैक-टू-विलेज चरण-एक और दो में लगातार स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग उठाई गई। केंद्रीय मंत्रियों के कठुआ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद सारंगी के सामने भी इस मसले को उठाया गया, लेकिन अभी तक सरकार कोई फैसला नहीं ले सकी। उन्होंने कहा कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन यहां तो बेटियों की शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है। इलाके में वरिष्ठ विद्यालय नहीं होने के कारण 10वीं के बाद बेटियों की पढ़ाई छूट जाती है। उन्होंने कहा कि बेटियों के अलावा अन्य बच्चों को भी 10वीं के बाद की शिक्षा हासिल करने के लिए खरोट या फिर कठुआ जाना पड़ता है। इससे उन्हें अच्छी खासी आर्थिक चपत लगती है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा जल्द से जल्द गोविंदसर स्कूल का दर्जा बढ़ाया जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चे 10वीं कक्षा के आगे की पढ़ाई कर सकें।
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वहीं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी दिनों में बैक टू विलेज अभियान के तहत गांव में अधिकारी पहुुंचेगे। अगर वह चाहते हैं कि ग्रामीण उनका स्वागत करें तो स्कूल का दर्जा बढ़ाने के आदेश साथ लाएं अन्यथा उनके विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिए जाएंगे। इसके लिए प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी।
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