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Kathua News: जमीन के मालिकाना हक की उठाई मांग
Wed, 16 Jul 2025 01:17 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 16 Jul 2025 01:17 AM IST
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पश्चिम पाकिस्तान से आए परिवारों की समस्या के बारे में जानकारी देते वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी
कठुआ ड्रीमलैंड पार्क में वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी ने की बैठक
कठुआ। लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में संघर्षरत पश्चिमी पाकिस्तान से आए परिवारों ने सरकार की ओर से घोषित जमीन का मालिकाना हक न मिलने पर दुख जताया है। मंगलवार को कठुआ ड्रीमलैंड पार्क में वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी ने बैठक की।
शरणार्थियों ने प्रशासन से जमीन से मालिकाना हक की मांग की। कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी ने कहा कि कठुआ जिला में प्रशासन की सूची के अनुसार कुल 905 से आए परिवार रहते हैं। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर का निवासी माना गया। केंद्र सरकार ने इन परिवारों के लिए पुनर्वास राशि के साथ जमीन के मालिकाना हक देने की घोषणा
की थी।
इसमें करीब 700 परिवारों को पुनर्वास राशि के वितरण का काम तो पूरा कर लिया है लेकिन अब जमीन के मालिकाना हक देने की शुरुआत नहीं हो पाई है। उन्होंने कठुआ जिला में भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है।
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कठुआ। लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में संघर्षरत पश्चिमी पाकिस्तान से आए परिवारों ने सरकार की ओर से घोषित जमीन का मालिकाना हक न मिलने पर दुख जताया है। मंगलवार को कठुआ ड्रीमलैंड पार्क में वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी ने बैठक की।
शरणार्थियों ने प्रशासन से जमीन से मालिकाना हक की मांग की। कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी ने कहा कि कठुआ जिला में प्रशासन की सूची के अनुसार कुल 905 से आए परिवार रहते हैं। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर का निवासी माना गया। केंद्र सरकार ने इन परिवारों के लिए पुनर्वास राशि के साथ जमीन के मालिकाना हक देने की घोषणा
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की थी।
इसमें करीब 700 परिवारों को पुनर्वास राशि के वितरण का काम तो पूरा कर लिया है लेकिन अब जमीन के मालिकाना हक देने की शुरुआत नहीं हो पाई है। उन्होंने कठुआ जिला में भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है।
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