{"_id":"674624710058d7b40403ef64","slug":"ddc-chairman-held-review-meeting-regarding-district-capex-budget-kathua-news-c-201-1-knt1009-115230-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: जिला कैपेक्स बजट जलजीवन मिशन परियोजना का मुद्दा हावी रहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: जिला कैपेक्स बजट जलजीवन मिशन परियोजना का मुद्दा हावी रहा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला विकास परिषद की बैठक में पेयजल समस्या के समाधान के लिए चलाई जा रही जलजीवन मिशन परियोजना का मुद्दा हावी रहा। जिले में 303 परियोजनाओं के तहत काम किया जाना है जिसके निष्पादन को लेकर जिला विकास परिषद सदस्यों ने असंतोष जताया है।
उन्होंने ठेकेदारों द्वारा मानकों की अवहेलना किए जाने की बात भी कही। इसके अलावा रूरल इंजीनियरिंग विंग की इमारतों और पीएमजीएसवाई नेटवर्क को 500 और फिर 250 वाली आबादी के लिए विस्तार दिए जाने पर भी विचार किया गया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भौतिक और वित्तीय स्थितियों पर चर्चा करते हुए मुख्य योजना अधिकारी रंजीत ठाकुर ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए स्वीकृत 1768 कार्यों में से 1747 की निविदाएं जारी कर दी गई हैं। जिनमें से 870 परियोजनाएं पहले ही आवंटित की जा चुकी हैं।
कहा कि कुल आवंटित बजट का 29 फीसदी विभिन्न विकास परियोजनाओं में उपयोग किया जा चुका है। बैठक में डीडीसी प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के तहत जिला भार में चल रही 303 परियोजनाओं को पूरे करने के लिए ठेकेदारों द्वारा उचित काम नहीं करवाएं जाने के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। मौजूदा वर्ष के लिए 103 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाएं निर्धारित की गई हैं जिन पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
डीडीसी बनी ने बताया कि ठेकेदार द्वारा खेतों से निकाली गई पानी की पाइपों को जमीन ऊपरी सतह पर ही रख दिया गया है। जब किसान खेतों में काम करते हैं तो हल से उखड़ी जा रही है। इसके लिए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में कर्नल महान सिंह ने समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को प्राथमिकता देने और बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार देने पर जोर देते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया। वहीं, चेयरमैन ने ग्रामीण विकास, जल शक्ति, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, सिंचाई, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित प्रमुख विभागों के तहत काम की गति पर संतोष व्यक्त किया।
उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह ने परिषद सदस्यों और जिला अधिकारियों से सहयोगात्मक रूप से काम करने की अपील की। बैठक में डीडीसी नगरी संदीप मजोत्रा, डीडीसी हीरानगर अभिनंदन शर्मा, डीडीसी महीन करण अत्री, डीडीसी बनी रीता देवी, डीडीसी बिलावर बिक्रम सिंह, डीडीसी महानपुर तजिंदर सिंह, डीडीसी डिंगा अंब रिम्मी चरक, डीडीसी बरनोटी सुषमा देवी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
विधायकों की एंट्री के बाद प्रोटोकॉल को लेकर चिंतित नजर आए डीडीसी
प्रदेश में लंबे समय बाद नई विधानसभा गठन के बाद जिला विकास परिषद (डीडीसी) सदस्यों ने विकास कार्यों का श्रेय लेने के लिए प्रोटोकॉल को बड़ा मुद्दा बनाया है। मंगलवार को जिला कैपेक्स बजट की समीक्षा बैठक में पहुंचे डीडीसी सदस्यों ने अनदेखी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जमकर कोसा।
कहा कि उनके क्षेत्र में हो रहे कार्यों और उनकी समाप्ति पर उद्घाटन की सूचना संबंधित डीडीसी सदस्यों को नहीं होती है। कहा कि विधायकों के माध्यम से उन्हें विकास कार्याें के पूरा होने और उद्घाटन कार्यक्रम में शुरू होने की जानकारी मिल रही है। जबकि यह जानकारी विभागों को देनी चाहिए। डीडीसी सदस्यों के प्रश्नों के जवाब देने उतरे डीडीसी अध्यक्ष सेवानिवृत कर्नल महान सिंह ने पंचायती राज की तीन टियर व्यवस्था के तहत चुने आए प्रतिनिधियों सहित मौजूदा विधायकों से तालमेल बनाकर विकास कार्यों को करवाने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) सुरिंदर मोहन को आदेश दिया कि संबंधित डीडीसी सदस्यों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी विकास कार्यों की सूचना उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। ताकि सभी मिलकर जिले का विकास कर सके और इसमें अधिकारियों की तरफ से कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
विज्ञापन
कठुआ। जिला विकास परिषद की बैठक में पेयजल समस्या के समाधान के लिए चलाई जा रही जलजीवन मिशन परियोजना का मुद्दा हावी रहा। जिले में 303 परियोजनाओं के तहत काम किया जाना है जिसके निष्पादन को लेकर जिला विकास परिषद सदस्यों ने असंतोष जताया है।
उन्होंने ठेकेदारों द्वारा मानकों की अवहेलना किए जाने की बात भी कही। इसके अलावा रूरल इंजीनियरिंग विंग की इमारतों और पीएमजीएसवाई नेटवर्क को 500 और फिर 250 वाली आबादी के लिए विस्तार दिए जाने पर भी विचार किया गया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भौतिक और वित्तीय स्थितियों पर चर्चा करते हुए मुख्य योजना अधिकारी रंजीत ठाकुर ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए स्वीकृत 1768 कार्यों में से 1747 की निविदाएं जारी कर दी गई हैं। जिनमें से 870 परियोजनाएं पहले ही आवंटित की जा चुकी हैं।
विज्ञापन
कहा कि कुल आवंटित बजट का 29 फीसदी विभिन्न विकास परियोजनाओं में उपयोग किया जा चुका है। बैठक में डीडीसी प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के तहत जिला भार में चल रही 303 परियोजनाओं को पूरे करने के लिए ठेकेदारों द्वारा उचित काम नहीं करवाएं जाने के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। मौजूदा वर्ष के लिए 103 करोड़ की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाएं निर्धारित की गई हैं जिन पर काम चल रहा है।
विज्ञापन
डीडीसी बनी ने बताया कि ठेकेदार द्वारा खेतों से निकाली गई पानी की पाइपों को जमीन ऊपरी सतह पर ही रख दिया गया है। जब किसान खेतों में काम करते हैं तो हल से उखड़ी जा रही है। इसके लिए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में कर्नल महान सिंह ने समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में सड़क संपर्क को प्राथमिकता देने और बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार देने पर जोर देते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया। वहीं, चेयरमैन ने ग्रामीण विकास, जल शक्ति, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, सिंचाई, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित प्रमुख विभागों के तहत काम की गति पर संतोष व्यक्त किया।
उपाध्यक्ष रघुनंदन सिंह ने परिषद सदस्यों और जिला अधिकारियों से सहयोगात्मक रूप से काम करने की अपील की। बैठक में डीडीसी नगरी संदीप मजोत्रा, डीडीसी हीरानगर अभिनंदन शर्मा, डीडीसी महीन करण अत्री, डीडीसी बनी रीता देवी, डीडीसी बिलावर बिक्रम सिंह, डीडीसी महानपुर तजिंदर सिंह, डीडीसी डिंगा अंब रिम्मी चरक, डीडीसी बरनोटी सुषमा देवी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
विधायकों की एंट्री के बाद प्रोटोकॉल को लेकर चिंतित नजर आए डीडीसी
प्रदेश में लंबे समय बाद नई विधानसभा गठन के बाद जिला विकास परिषद (डीडीसी) सदस्यों ने विकास कार्यों का श्रेय लेने के लिए प्रोटोकॉल को बड़ा मुद्दा बनाया है। मंगलवार को जिला कैपेक्स बजट की समीक्षा बैठक में पहुंचे डीडीसी सदस्यों ने अनदेखी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जमकर कोसा।
कहा कि उनके क्षेत्र में हो रहे कार्यों और उनकी समाप्ति पर उद्घाटन की सूचना संबंधित डीडीसी सदस्यों को नहीं होती है। कहा कि विधायकों के माध्यम से उन्हें विकास कार्याें के पूरा होने और उद्घाटन कार्यक्रम में शुरू होने की जानकारी मिल रही है। जबकि यह जानकारी विभागों को देनी चाहिए। डीडीसी सदस्यों के प्रश्नों के जवाब देने उतरे डीडीसी अध्यक्ष सेवानिवृत कर्नल महान सिंह ने पंचायती राज की तीन टियर व्यवस्था के तहत चुने आए प्रतिनिधियों सहित मौजूदा विधायकों से तालमेल बनाकर विकास कार्यों को करवाने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) सुरिंदर मोहन को आदेश दिया कि संबंधित डीडीसी सदस्यों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी विकास कार्यों की सूचना उपलब्ध करवाने पर जोर दिया। ताकि सभी मिलकर जिले का विकास कर सके और इसमें अधिकारियों की तरफ से कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।