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वेबिनार में साइबर अपराध पर किया जागरूक
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डिजिटल युग में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर जागरूकता पैदा करने के लिए राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज में साइबर अपराध पर जागरूकता के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के विभिन्न पालीटेक्निक कॉलेजों के शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया।
इस मौके पर रिसोर्स पर्सन के तौर पर उपस्थित साइबर-अपराध विशेषज्ञ मोहम्मद यासीन किचलू, एसएसपी सिक्योरिटी सिविल सचिवालय जम्मू और इंजीनियर विकास राजदान रहे। जिन्होंने अपने अनुभव और जानकारी को साझा करते हुए आईटी कानूनों के बारे में जानकारी दी।
सत्र की शुरुआत करते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य अरुण बंगोत्रा ने कहा कि कोरोना के दौरान साइबर अपराध बढ़े हैं। इस दौरान सीखने के लिए आम आदमी की आभासी दुनिया पर निर्भरता भी बढ़ी है। इसी के कारण साइबर सुरक्षा विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र बन गया है और छात्रों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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रिसोर्स पर्सन इंजीनियर विकास राजदान ने बताया कि इन दिनों इंटरनेट पर पहचान की चोरी, साइबर ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, सेक्सटॉर्शन, लव स्कैम, फ़िशिंग, वन रिंग स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, लॉटरी फ्रॉड, रिमोट एक्सेस स्कैम, सोशल मीडिया प्राइवेसी पॉलिसी आदि मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी पहचान ऑनलाइन प्रकट करने से रोकने और साइबर अपराधियों के शिकार न होने के लिए जागरूक किया गया था। क्योंकि साइबर अपराधी दिन-प्रतिदिन ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को धोखा देने के लिए अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। हर किसी को मोबाइल पर प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और तीसरे पक्ष से एप्लिकेशन डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए। जो हैकर्स को रिमोट एक्सेस दे सकते हैं।
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इस मौके पर रिसोर्स पर्सन के तौर पर उपस्थित साइबर-अपराध विशेषज्ञ मोहम्मद यासीन किचलू, एसएसपी सिक्योरिटी सिविल सचिवालय जम्मू और इंजीनियर विकास राजदान रहे। जिन्होंने अपने अनुभव और जानकारी को साझा करते हुए आईटी कानूनों के बारे में जानकारी दी।
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सत्र की शुरुआत करते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य अरुण बंगोत्रा ने कहा कि कोरोना के दौरान साइबर अपराध बढ़े हैं। इस दौरान सीखने के लिए आम आदमी की आभासी दुनिया पर निर्भरता भी बढ़ी है। इसी के कारण साइबर सुरक्षा विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र बन गया है और छात्रों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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रिसोर्स पर्सन इंजीनियर विकास राजदान ने बताया कि इन दिनों इंटरनेट पर पहचान की चोरी, साइबर ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग, सेक्सटॉर्शन, लव स्कैम, फ़िशिंग, वन रिंग स्कैम, सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा, ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, लॉटरी फ्रॉड, रिमोट एक्सेस स्कैम, सोशल मीडिया प्राइवेसी पॉलिसी आदि मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों को अपनी पहचान ऑनलाइन प्रकट करने से रोकने और साइबर अपराधियों के शिकार न होने के लिए जागरूक किया गया था। क्योंकि साइबर अपराधी दिन-प्रतिदिन ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को धोखा देने के लिए अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। हर किसी को मोबाइल पर प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और तीसरे पक्ष से एप्लिकेशन डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए। जो हैकर्स को रिमोट एक्सेस दे सकते हैं।