फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   cultural

नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की

विज्ञापन
cultural
कठुआ। शहर के वार्ड 8 में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। चौथे दिन की कथा के दौरान कथावाचक महंत महेश दास शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए धरती पर उनके अवतरण का महत्व बताया। वहीं कथा के दौरान भगवान के बाल रूप की झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसे देखते ही उपस्थित श्रद्धालु उत्साह से भर गए और अपने स्थान पर खड़े होकर भगवान का जयघोष कर उनका स्वागत किया। वहीं, कथा में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जैसे भजनों पर महिलाएं नाचने लगीं।
विज्ञापन

कथावाचक ने बताया कि कंस के अत्याचारों से त्रस्त मथुरा वासियों की पुकार सुनकर देवकी के आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्री हरि ने कृष्ण के रूप में अवतार लिया, जिन्होंने कंस को मारकर माता-पिता को कारागार से मुक्त कराया और नाना को मथुरा के सिंहासन सौंप दिया।
विज्ञापन

कथा में कहा कि वासुदेव-देवकी मथुरा वासियों को दुराचारी कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान कृृष्ण ने जन्म लिया। भगवान श्रीकृष्ण का अवतार जीव को जीव से प्रेम करना सिखाता है। कृष्ण ने कई लीलाओं के माध्यम से लोगों को संदेश दिए हैं। इन लीलाओं का सार समझने वाला व्यक्ति सदैव जीवन में सुखी रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीव तभी मुक्ति पा सकता है जब वो भागवत कथा का श्रवण करें। कहा कि जीव को आत्मा की शांति के लिए प्रभु की शरण में जाने की इच्छा रहती है, लेकिन मनुष्य में व्याप्त, तृष्णा, लोभ, पाप जैसी जैसी कई प्रवृत्तियां उसे प्रभु की शरण से दूर करती हैं। जीव तभी मुक्ति पा सकता है, जब वो भागवत कथा का श्रवण करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed