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स्टोन क्रशरों ने छलनी किया उज्ज का सीना
ब्यूरो/ कठुअा
Updated Mon, 28 Nov 2016 12:42 AM IST
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उत्तरकाशी की नेलांग घाटी में कुछ इस तरह रेत, बजरी और पत्थर से अटी पड़ी है जाड़ गंगा।
- फोटो : Amar Ujala
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पंडोरी के लोगों ने रविवार को भूविज्ञान और खनन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने विभाग पर भूमाफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए लोगों की परेशानी बढ़ाने की बात कही। इस दौरान लोगों ने जोरदार नारेबाजी की और कहा कि जिला प्रशासन इस समस्या का समाधान करे।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल चरणदास, विजय कुमार, सतपाल ने कहा कि सरकार बार-बार खनन को अवैध बताकर लोगों को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि उज्ज दरिया में इस समय कई स्टोन क्रशर लगे हुए हैं, जो उज्ज दरिया की सूरत और उसके नियमित बहाव को बदलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की भू-माफिया के साथ मिलीभगत के कारण परेशानी लोगों को हो रही है। एक तो स्टोन क्रशर के शोर से बच्चों को पढ़ने में दिक्कतें आ रही हैं, उस पर स्टोन क्रशर के काम करने से उड़ने वाली धूल लोगों को सांस लेने में दिक्कतें पैदा कर रही है।
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उन्होंने कहा कि उज्ज के किनारे लगते गांवों के लिए स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों में शामिल रमन कुमार, करतार चंद, मोहन सिंह, काकू राम आदि ने कहा कि इस बरसात में उज्ज ने सबसे अधिक कहर ढाया है। किसानों की जमीनें बह गई और कई तटबंध तक टूट गए। उन्होंने कहा कि इसके पीछे केवल खनन ही एक मात्र कारण है।
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उन्होंने कहा कि खनन के कारण उज्ज में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और बरसात में पानी ने अपना रुख तक बदल लिया। उन्होंने कहा कि इस समय उज्ज गांव के घरों के इतने करीब आ चुका है अगली बरसात तक यदि कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया तो गांव बह जाएगा। ऐसे में जिला प्रशासन को जल्द से जल्द इस ओर कदम लेना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उग्र रुख अपनाना पड़ेगा।