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Kathua News: लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आरोपी टिपर चालक बरी
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-दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार तीन युवक हुए थे घायल
अदालत से ... का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से वाहन चलाने के सात साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष आरोपी के अपराध को साबित करने में विफल रहा है। आरोपी को आरपीसी की धारा 279, 337 और 338 के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 50/177 सहित सभी आरोपों से बरी किया जाता है। कोर्ट में दायर चार्जशीट के अनुसार आरोपी परवीन सिंह पुत्र रोमल सिंह निवासी अमाला हीरानगर 2 सितंबर 2017 को बिना पंजीकरण का टिपर तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। कठुआ के लच्छीपुर के पास चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल चालक अमन कुमार सहित दो पीछे बैठे सह-सवार अश्वनी कुमार और संजीव कुमार घायल हो गए। दुर्घटना के बाद टिपर चालक फरार हो गया।
कठुआ थाना में आरपीसी की धारा तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 279, 337 और 338 आरपीसी के साथ-साथ एमवी एक्ट की धारा 50/177 एमवी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर पांच गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष उचित संदेह के परे आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। आरोपी परवीन सिंह ही टिपर चला रहा था, इसकी पुष्टि करने के लिए कोई भी प्रत्यक्षदर्शी पेश नहीं किया गया।
यहां तक कि घायल तीनों व्यक्तियों से गवाह के रूप में पूछताछ नहीं की गई। इसके अलावा टिपर के साथ ही दुर्घटना हुई है, यह भी कोर्ट में साबित नहीं हो पाया। है। लिहाजा आरोपी को बरी करने का आदेश दिया जाता है।
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अदालत से ... का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से वाहन चलाने के सात साल पुराने मामले में आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष आरोपी के अपराध को साबित करने में विफल रहा है। आरोपी को आरपीसी की धारा 279, 337 और 338 के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 50/177 सहित सभी आरोपों से बरी किया जाता है। कोर्ट में दायर चार्जशीट के अनुसार आरोपी परवीन सिंह पुत्र रोमल सिंह निवासी अमाला हीरानगर 2 सितंबर 2017 को बिना पंजीकरण का टिपर तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। कठुआ के लच्छीपुर के पास चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल चालक अमन कुमार सहित दो पीछे बैठे सह-सवार अश्वनी कुमार और संजीव कुमार घायल हो गए। दुर्घटना के बाद टिपर चालक फरार हो गया।
कठुआ थाना में आरपीसी की धारा तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 279, 337 और 338 आरपीसी के साथ-साथ एमवी एक्ट की धारा 50/177 एमवी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर पांच गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष उचित संदेह के परे आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। आरोपी परवीन सिंह ही टिपर चला रहा था, इसकी पुष्टि करने के लिए कोई भी प्रत्यक्षदर्शी पेश नहीं किया गया।
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यहां तक कि घायल तीनों व्यक्तियों से गवाह के रूप में पूछताछ नहीं की गई। इसके अलावा टिपर के साथ ही दुर्घटना हुई है, यह भी कोर्ट में साबित नहीं हो पाया। है। लिहाजा आरोपी को बरी करने का आदेश दिया जाता है।
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