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जिला में बढ़ सकता है कोरोना का ग्राफ
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कोरोना से बचाव के नाम पर गंडयाल गांव के पास पड़ोसी राज्य पंजाब को जोड़ने वाले मार्ग पर पुलिस द्वा?
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। आने वाले दिनों में जिला में एक बार फिर कोरोना का संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ सकता है। जिसका मुख्य कारण लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के बावजूद पड़ोसी राज्य से जम्मू कश्मीर में आने वाले मार्गों पर व्यवस्था का अभाव है। हालांकि गत दिवस डीसी राहुल यादव और एसएसपी रमेश चंद्र कोतवाल ने अपने लखनपुर दौरे के दौरान बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों पर चिंता जताते हुए विशेष इंतजाम करने की बात कही थी। लेकिन इन सबके बावजूद लिंक मार्गों पर व्यवस्था अभी भी पूरी तरह से राम भरोसे ही है।
कीडियां गंडयाल के रास्ते पंजाब जाने वाले मार्ग पर लगाए गए पुलिस नाके पर शनिवार को एक एएसआई सहित 2 पुलिस जवान तैनात थे। वहीं, वहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैनात की गई टीम के पास केवल वहां से गुजरने वाले लोगों की जांच करने के लिए सिर्फ आरटीपीसीआर टेस्ट के सैंपल लेने की सुविधा थी। दोपहर 12 बजे नाके पर पहुंची टीम ने 3 बजे तक वहां से गुजरने वाले 38 लोगों के सैंपल लिए। फिर उन्हें जम्मू कश्मीर में आने की अनुमति प्रदान कर दी गई। वहीं इसी तरह का हाल खरकड़ा मोड़ पर देखने को मिला। जहां मात्र 2 पुलिसकर्मी ही तैनात थे जो कि वह आने वाले लोगों को रोकने के लिए किसी तरह की सक्रियता नहीं दिखा रहे थे और न ही वहां कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद था। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर लखनपुर में प्रशासन पूरी शक्ति से हर आने जाने वाले लोगों की जांच भले ही कर रहा है। लेकिन लिंग मार्गों से आने वाले लोगों पर कोई नियंत्रण न होने के कारण जिला में संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ सकता है।
स्थानीय पवन सिंह की माने तो कीड़ियां गंडयाल ब्रिज के रास्ते कठुआ में आने वाले लोगों की तादाद प्रतिदिन हजारों में होती है जिसमें से 10 प्रतिशत लोगों को भी नाके पर जांच के लिए रोका नहीं जाता है। क्योंकि यहां पर न तो पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है और न ही स्वास्थ्य टीम। उन्होंने बताया कि दिन के समय कभी-कभी आने वाली टीम ही यहां पर लोगों के सैंपल एकत्र करती हैं। लेकिन उसके बाद बिना उनकी जांच रिपोर्ट आए ही उन्हें जम्मू कश्मीर में भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि 3 दिनों के बाद आने वाली इस रिपोर्ट के दौरान उक्त व्यक्ति कहां जा रहा है किन लोगों से मिल रहा है इसकी न तो स्वास्थ्य विभाग कोई निगरानी करता है और न ही प्रशासन के पास इसकी कोई जानकारी है। ऐसे में लखनपुर और रेलवे स्टेशन पर किए गए इंतजाम केवल दिखावा ही हैं क्योंकि लिंक मार्गों से आने वाले लोगों पर कोई भी नियंत्रण नहीं है।
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आपको बता दें कि कठुआ जिला में पड़ोसी राज्य पंजाब से आने के लिए लखनपुर के अतिरिक्त रेल मार्ग, बसोहली स्थित अटल सेतु के अलावा कीड़िया गंडयाल ब्रिज, खरकड़ा मोड़, नगरी टोल प्लाजा के अलावा भी कई अन्य ऐसे मार्ग हैं। जहां से आवागमन आसानी से जारी है।
इस संबंध में डीसी राहुल यादव का कहना है कि जिला में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है। लखनपुर में व्यवस्था को सख्त बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। लिंक मार्गों से होने वाले आवागमन की जानकारी लेकर वहां भी इंतजामों को मजबूत बनाया जाएगा।
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कीडियां गंडयाल के रास्ते पंजाब जाने वाले मार्ग पर लगाए गए पुलिस नाके पर शनिवार को एक एएसआई सहित 2 पुलिस जवान तैनात थे। वहीं, वहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैनात की गई टीम के पास केवल वहां से गुजरने वाले लोगों की जांच करने के लिए सिर्फ आरटीपीसीआर टेस्ट के सैंपल लेने की सुविधा थी। दोपहर 12 बजे नाके पर पहुंची टीम ने 3 बजे तक वहां से गुजरने वाले 38 लोगों के सैंपल लिए। फिर उन्हें जम्मू कश्मीर में आने की अनुमति प्रदान कर दी गई। वहीं इसी तरह का हाल खरकड़ा मोड़ पर देखने को मिला। जहां मात्र 2 पुलिसकर्मी ही तैनात थे जो कि वह आने वाले लोगों को रोकने के लिए किसी तरह की सक्रियता नहीं दिखा रहे थे और न ही वहां कोई स्वास्थ्य कर्मी मौजूद था। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर लखनपुर में प्रशासन पूरी शक्ति से हर आने जाने वाले लोगों की जांच भले ही कर रहा है। लेकिन लिंग मार्गों से आने वाले लोगों पर कोई नियंत्रण न होने के कारण जिला में संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ सकता है।
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स्थानीय पवन सिंह की माने तो कीड़ियां गंडयाल ब्रिज के रास्ते कठुआ में आने वाले लोगों की तादाद प्रतिदिन हजारों में होती है जिसमें से 10 प्रतिशत लोगों को भी नाके पर जांच के लिए रोका नहीं जाता है। क्योंकि यहां पर न तो पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है और न ही स्वास्थ्य टीम। उन्होंने बताया कि दिन के समय कभी-कभी आने वाली टीम ही यहां पर लोगों के सैंपल एकत्र करती हैं। लेकिन उसके बाद बिना उनकी जांच रिपोर्ट आए ही उन्हें जम्मू कश्मीर में भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि 3 दिनों के बाद आने वाली इस रिपोर्ट के दौरान उक्त व्यक्ति कहां जा रहा है किन लोगों से मिल रहा है इसकी न तो स्वास्थ्य विभाग कोई निगरानी करता है और न ही प्रशासन के पास इसकी कोई जानकारी है। ऐसे में लखनपुर और रेलवे स्टेशन पर किए गए इंतजाम केवल दिखावा ही हैं क्योंकि लिंक मार्गों से आने वाले लोगों पर कोई भी नियंत्रण नहीं है।
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आपको बता दें कि कठुआ जिला में पड़ोसी राज्य पंजाब से आने के लिए लखनपुर के अतिरिक्त रेल मार्ग, बसोहली स्थित अटल सेतु के अलावा कीड़िया गंडयाल ब्रिज, खरकड़ा मोड़, नगरी टोल प्लाजा के अलावा भी कई अन्य ऐसे मार्ग हैं। जहां से आवागमन आसानी से जारी है।
इस संबंध में डीसी राहुल यादव का कहना है कि जिला में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है। लखनपुर में व्यवस्था को सख्त बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। लिंक मार्गों से होने वाले आवागमन की जानकारी लेकर वहां भी इंतजामों को मजबूत बनाया जाएगा।

नाके पास तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम जिसके पास रैपिड जांच की व्यवस्था नही है। संवाद- फोटो : KATHUA