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सीमावर्ती क्षेत्र में सरकारी जमीन पर पौधे लगाए तो करेंगे पलायन

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हीरानगर। सीमावर्ती इलाकों में सरकारी जमीनों पर वन विभाग की ओर से पौधे लगाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है। सोमवार को बोबिया के सरपंच भारत भूषण के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल एसडीएम से मिला, और चेतावनी दी कि अगर जबरदस्ती इन जमीनों पर पौधे लगाए गए तो सीमावर्ती लोग पलायन करेंगे।
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सरपंच ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास विभाग की एक टीम आई, और पंचायत में सरकारी जमीन पर पौधे लगाने की सहमति मांगी। इसके लिए हमने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमने वन विभाग के उच्च अधिकारियों से भी बात की। तो जानकारी मिली कि डीडीसी के किसी सदस्य ने लिखित में यहां पौधे लगाने की मांग की है। इससे अब सीमावर्ती किसानों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब भी फसल लगाने का वक्त होता है। इस तरह का कोई न कोई आदेश किसानों के खिलाफ आ जाता है।
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उन्होंने कहा कि सीमावर्ती लोगों को परेशान किया जा रहा है। अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। अगर विभाग ने जबरदस्ती इन इलाकों में पौधे लगाने का काम किया, तो हम इसका पूरा विरोध करेंगे। जरूरत पड़ी तो पलायन करेंगे। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक घने जंगल सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
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एसडीएम राकेश शर्मा ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि राजस्व विभाग से अभी तक इस मामले को लेकर वन विभाग ने संपर्क नहीं किया है। जब भी वह विभाग से संपर्क करते हैं तो उन्हें लोगों की आपत्ति के बारे में जरूर जानकारी दी जाएगी, और वही होगा जैसा लोग चाहते हैं। शिष्टमंडल में अजीत कुमार, रतन लाल आदि शामिल रहे।
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