{"_id":"6240a37928de74747c5b34f4","slug":"civic-animities-kathua-news-jmu256551318","type":"story","status":"publish","title_hn":"बोचंली गांव के लोग मूल सुविधाओं से वंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बोचंली गांव के लोग मूल सुविधाओं से वंचित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामकोट। तहसील रामकोट के गुजरु नगरोटा में स्थित बोचंली गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से तरस रहे हैं। यहां न तो सड़क सुविधा उपलब्ध है न ही कोई शिक्षण संस्थान है।
मकवाल के रहने वाले पंकज शर्मा ने बताया कि अली से बोचंली जाने वाली तीन किमी सड़क अभी तक नहीं बन पाई है। जिसके चलते बोचंली गांव के लोगों को पैदल तीन किमी का सफर तय करना पड़ता है। तब जाकर लिंक सड़क तक पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि गांव के लोग सड़क सुविधा से वंचित होने के साथ स्वास्थ्य सुविधा की भी दरकार है। आधी रात के समय अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे पालकी में लादकर पैदल तीन किमी लिंक सड़क तक पहुंचाया जाता है।
बोचंली के सुभाष सिंह ने बताया कि वह कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को सड़क बनाने के लिए बोल चुके हैं। मगर प्रतिनिधि चुनाव के समय तो आते हैं, मगर उसके बाद नहीं दिखाई देते। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को भी इस बारे में अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक सड़क सुविधा के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सामान सिर पर लादकर तीन किमी पैदल सफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रास्ता भी इतना खराब है कि उस पर अकेले चलने में भी परेशानी होती है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द अली से बोचंली जाने वाली सड़क का निर्माण कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मकवाल के रहने वाले पंकज शर्मा ने बताया कि अली से बोचंली जाने वाली तीन किमी सड़क अभी तक नहीं बन पाई है। जिसके चलते बोचंली गांव के लोगों को पैदल तीन किमी का सफर तय करना पड़ता है। तब जाकर लिंक सड़क तक पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि गांव के लोग सड़क सुविधा से वंचित होने के साथ स्वास्थ्य सुविधा की भी दरकार है। आधी रात के समय अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे पालकी में लादकर पैदल तीन किमी लिंक सड़क तक पहुंचाया जाता है।
विज्ञापन
बोचंली के सुभाष सिंह ने बताया कि वह कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को सड़क बनाने के लिए बोल चुके हैं। मगर प्रतिनिधि चुनाव के समय तो आते हैं, मगर उसके बाद नहीं दिखाई देते। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को भी इस बारे में अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक सड़क सुविधा के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। गांव के राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सामान सिर पर लादकर तीन किमी पैदल सफर करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रास्ता भी इतना खराब है कि उस पर अकेले चलने में भी परेशानी होती है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द अली से बोचंली जाने वाली सड़क का निर्माण कराया जाए।
विज्ञापन