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पानी संकट, रास्ते कच्चे, कोट वासियों में रोष
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बसोहली। शीतल नगर ब्लॉक के कोट इलाके के लोगों ने मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण प्रशासन व सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। इलाके के नायब सरपंच, स्थानीय प्रदीप कुमार, जैमल कुमार, नरेश कुमार, रवीना देवी, गुड्डू राम आदि ने बताया कि उनका इलाका कोट जो कि शीतल नगर ब्लाक के अंतर्गत आता है। आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। न पानी की लाइनें बिछाई गई है और न ही पक्की सड़क है। प्रसिद्ध जोड़ियां माता देवी के भवन की ओर जाने वाला मार्ग जर्जर है। नवरात्रों के दिनों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन पक्की सड़क व मूलभूत सुविधाएं न होने से निराश होते हैं।
लोगों ने बताया कि इलाके के लिए जो कच्चा रास्ता बनाया गया है वह भी बेहद तंग है। पहाड़ियों से सटा हुआ है। बारिश के दिनों में तो यहां स्थिति और भी खराब हो जाती है। कच्चा मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है। मौजूदा समय में यह मार्ग कंक्रीट के बड़े पत्थरों और गड्ढों से पटा हुआ है। वाहन चालक हादसे का शिकार होते हैं। कई बार अधिकारियों समेत प्रशासन से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ है।
वही इस इलाके में पानी की भी किल्लत है। पाइप लाइनेें न होने से लोगों को नल से पानी नहीं मिल पाता है। लोग पेयजल के लिए दूषित बावलिंयों पर निर्भर हैं। बिजली व्यवस्था भी यहां लोगों को सुचारु रूप से नहीं मिल पाती है।
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सबसे बड़ी समस्या यहां शिक्षा की है। मिडिल स्कूल कोट जिसमें करीब 80 विद्यार्थी हैं। उनके लिए पहले केवल एक ही शिक्षक स्कूल में था। जो उन्हें दो विषय की पढ़ाई करवाता है। विद्यार्थियों ने कहा कि अगर हमारी पढ़ाई और कोर्स पूरा नहीं होता है तो हम परीक्षा में पास कैसे होंगे। वहीं एडीसी बसोहली तिलकराज थापा के मुताबिक इस स्कूल में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग बसोहली के जेडईओ रामदास ने बताया कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए एडीसी बसोहली ने भी अधिकारियों को पत्र लिखा है। उनके स्तर पर भी अधिकारियों से बात की गई है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। मौजूदा समय में स्कूल में कुछ और शिक्षक भेजे गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजेश सुंबडिया ने बताया कि जब भी वहां सड़क पर पससिंया गिरती है तो उसे जेसीबी की मदद से हटा दिया जाता है। करीब छह किलोमीटर सड़क को पक्का करने के लिए नाबार्ड स्कीम के तहत प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए डीपीआर बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
एडीसी बसोहली तिलक राज थापा ने बताया कि बिजली, पानी की व्यवस्था दुरुस्त रहें, इसके लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस पर काम करने के लिए कहा गया है। जोड़ियां माता मंदिर की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग है। इसलिए यहां हर मूलभूत सुविधा मुहैया करवाने के प्रयास जारी हैं।
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लोगों ने बताया कि इलाके के लिए जो कच्चा रास्ता बनाया गया है वह भी बेहद तंग है। पहाड़ियों से सटा हुआ है। बारिश के दिनों में तो यहां स्थिति और भी खराब हो जाती है। कच्चा मार्ग दलदल में तब्दील हो जाता है। मौजूदा समय में यह मार्ग कंक्रीट के बड़े पत्थरों और गड्ढों से पटा हुआ है। वाहन चालक हादसे का शिकार होते हैं। कई बार अधिकारियों समेत प्रशासन से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ है।
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वही इस इलाके में पानी की भी किल्लत है। पाइप लाइनेें न होने से लोगों को नल से पानी नहीं मिल पाता है। लोग पेयजल के लिए दूषित बावलिंयों पर निर्भर हैं। बिजली व्यवस्था भी यहां लोगों को सुचारु रूप से नहीं मिल पाती है।
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सबसे बड़ी समस्या यहां शिक्षा की है। मिडिल स्कूल कोट जिसमें करीब 80 विद्यार्थी हैं। उनके लिए पहले केवल एक ही शिक्षक स्कूल में था। जो उन्हें दो विषय की पढ़ाई करवाता है। विद्यार्थियों ने कहा कि अगर हमारी पढ़ाई और कोर्स पूरा नहीं होता है तो हम परीक्षा में पास कैसे होंगे। वहीं एडीसी बसोहली तिलकराज थापा के मुताबिक इस स्कूल में शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग बसोहली के जेडईओ रामदास ने बताया कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए एडीसी बसोहली ने भी अधिकारियों को पत्र लिखा है। उनके स्तर पर भी अधिकारियों से बात की गई है। शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। मौजूदा समय में स्कूल में कुछ और शिक्षक भेजे गए हैं।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजेश सुंबडिया ने बताया कि जब भी वहां सड़क पर पससिंया गिरती है तो उसे जेसीबी की मदद से हटा दिया जाता है। करीब छह किलोमीटर सड़क को पक्का करने के लिए नाबार्ड स्कीम के तहत प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए डीपीआर बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
एडीसी बसोहली तिलक राज थापा ने बताया कि बिजली, पानी की व्यवस्था दुरुस्त रहें, इसके लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस पर काम करने के लिए कहा गया है। जोड़ियां माता मंदिर की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग है। इसलिए यहां हर मूलभूत सुविधा मुहैया करवाने के प्रयास जारी हैं।