हीरानगर। अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर तारबंदी के आगे खेती का काम शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि धुंध की वजह से यहां काम करने में किसानों और उनकी सुरक्षा में तैनात बीएसएफ के जवानों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दृश्यता कम होने के कारण जवानों को ट्रैक्टरों के साथ-साथ चलना पड़ा।
खेतों की जुताई से लेकर, खाद, बीज उपलब्ध कराने के काम में जुटी कृषि विभाग की टीम भी हर वक्त यहां मौजूद है। यहां खेती करने के लिए किसान हर रोज अपने नाम दर्ज करा रहे हैं। जिससे ये उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही पहले चरण में डेढ़ सौ एकड़ भूमि पर गेहूं बोने का काम पूरा हो जाएगा। फिलहाल 55 एकड़ भूमि पर बीज बोया जा चुका है।
ज्यादातर सीमावर्ती लोगों की जमीनें तारबंदी के आगे ही हैं और 19 वर्षों के बाद अपने खेतों में खेती का मौका मिलने पर उत्साहित किसानों का कहना है कि इससे उनके आर्थिक हालात में सुधार होगा। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन, कृषि विभाग और केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।