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सावन मास पर जारी शिव-हनुमान कथा का संपन्न
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सावन चक स्थित संकट मोचन शिव मंदिर में प्रवचन करती साध्वी राजेश्वरी जी महाराज, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। शहर के सावन चक स्थित संकटमोचन शिवमंदिर में श्रावण मास में जारी शिव-हनुमान कथा संपन्न हो गई है। सात दिवसीय कथा के अंतिम दिन साध्वी राजेश्वरी जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने जीवन में कर्म को प्रधानता देने पर बल दिया। इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित गंगाधर जी महाराज ने प्रवचन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को सत्य और धर्म के मार्ग का अनुसरण करने के लिए कहा।
अंतिम दिन प्रवचन करते हुए साध्वी राजेश्वरी जी ने कहा कि कर्म ही वह माध्यम है जिससे मानव अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। अगर कर्म सत से जुड़ा हो तो इससे ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। वहीं, ऐसे कर्म मानवता के लिए भी कल्याणकारी होंगे। लिहाजा अपने जीवन के सर्वोत्तम लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने कर्म पर अवश्य विचार करना होगा।
वहीं, गंगाधर जी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान युवा पीढ़ी को नई दिशा देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को सत्य और धर्म पर चलकर ईश्वर के साक्षी समाज की बुराईयों को खत्म करना होगा। उन्होंने युवाओं को जीवन में दुख और सुख सभी स्थितियों में अपने जीवन और मृत्यु को याद रखते हुए सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने के लिए कहा।
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कथा के संबंध में मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान ठंडू राम शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की आस्था के केंद्र इस मंदिर में समय-समय पर इस तरह के आयोजन किए जाते हैं। ताकि, लोगों को सनातन धर्म और संस्कृति से परिचित कराया जा सके। इसके अलावा आने वाली पीढ़ी को धर्म का ज्ञान कराने के लिए भी कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें बच्चों को श्री राम चरित मानस पाठ आदि कराया जा रहा है। इसी क्रम में आने वाले 6 अगस्त को मंदिर के भक्तों के सहयोग से परिसर में पवनपुत्र हनुमान की साढ़े चार फीट की भव्य प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। उन्होंने सभी भक्तों से इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।
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अंतिम दिन प्रवचन करते हुए साध्वी राजेश्वरी जी ने कहा कि कर्म ही वह माध्यम है जिससे मानव अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। अगर कर्म सत से जुड़ा हो तो इससे ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। वहीं, ऐसे कर्म मानवता के लिए भी कल्याणकारी होंगे। लिहाजा अपने जीवन के सर्वोत्तम लक्ष्य को प्राप्त करने के अपने कर्म पर अवश्य विचार करना होगा।
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वहीं, गंगाधर जी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान युवा पीढ़ी को नई दिशा देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को सत्य और धर्म पर चलकर ईश्वर के साक्षी समाज की बुराईयों को खत्म करना होगा। उन्होंने युवाओं को जीवन में दुख और सुख सभी स्थितियों में अपने जीवन और मृत्यु को याद रखते हुए सनातन धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहने के लिए कहा।
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कथा के संबंध में मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान ठंडू राम शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की आस्था के केंद्र इस मंदिर में समय-समय पर इस तरह के आयोजन किए जाते हैं। ताकि, लोगों को सनातन धर्म और संस्कृति से परिचित कराया जा सके। इसके अलावा आने वाली पीढ़ी को धर्म का ज्ञान कराने के लिए भी कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें बच्चों को श्री राम चरित मानस पाठ आदि कराया जा रहा है। इसी क्रम में आने वाले 6 अगस्त को मंदिर के भक्तों के सहयोग से परिसर में पवनपुत्र हनुमान की साढ़े चार फीट की भव्य प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। उन्होंने सभी भक्तों से इस कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की।