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Kathua News: बाबा बर्फानी के भक्तों में आस्था बरकरार, लंगर में सेवादार तैयार
Sat, 19 Jul 2025 01:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:40 AM IST
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कठुआ में महादेव का जयघोष करते पंजाब से आए जत्थे में शामिल शिवभक्त। संवाद
कठुआ। खराब मौसम के कारण यात्रा में आए व्यवधान के बाद भी बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। लखनपुर के रास्ते जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने वाले भक्त महादेव के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं।
शुक्रवार को पड़ोसी राज्य पंजाब के बरनाला के आए भक्तों ने जत्थे में शामिल सोली सिंह ने बताया कि वह पहली बार साल 2002 में श्री अमरनाथ यात्रा पर आए थे। वहां बाबा के जिस स्वरूप का दर्शन किया उसे कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान दो वर्ष की यात्रा को छोड़ दिया जाए तो निरंतर बाबा के दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम के कारण यात्रा में आई बाधा अस्थायी है जो एक से दाे दिन में खत्म हो जाएगी। इसके बाद यात्रा पूर्व की भांति ही चलेगी। ऐसा हो ही नहीं सकता है कि बाबा ने बुलाया है तो उन्हें उनका दर्शन न हो। उधर, देशभर से आने वाले भक्तों की सेवा के लिए लगाए गए लंगरों में सेवादार हर तरह की सेवा के लिए तत्पर हैं। लंगर सेवादार बिट्टू अत्री ने कहा कि अब तक काफिले में गुजरने वाली यात्रा उनके लंगर पर सिर्फ भोजन करने के लिए रुक रही थी। अगर यात्रा को किसी भी कारण से रोकना पड़ा तो उनका लंगर यात्रियों के रहने की व्यवस्था करने के लिए भी तैयार हैं।
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शुक्रवार को पड़ोसी राज्य पंजाब के बरनाला के आए भक्तों ने जत्थे में शामिल सोली सिंह ने बताया कि वह पहली बार साल 2002 में श्री अमरनाथ यात्रा पर आए थे। वहां बाबा के जिस स्वरूप का दर्शन किया उसे कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान दो वर्ष की यात्रा को छोड़ दिया जाए तो निरंतर बाबा के दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम के कारण यात्रा में आई बाधा अस्थायी है जो एक से दाे दिन में खत्म हो जाएगी। इसके बाद यात्रा पूर्व की भांति ही चलेगी। ऐसा हो ही नहीं सकता है कि बाबा ने बुलाया है तो उन्हें उनका दर्शन न हो। उधर, देशभर से आने वाले भक्तों की सेवा के लिए लगाए गए लंगरों में सेवादार हर तरह की सेवा के लिए तत्पर हैं। लंगर सेवादार बिट्टू अत्री ने कहा कि अब तक काफिले में गुजरने वाली यात्रा उनके लंगर पर सिर्फ भोजन करने के लिए रुक रही थी। अगर यात्रा को किसी भी कारण से रोकना पड़ा तो उनका लंगर यात्रियों के रहने की व्यवस्था करने के लिए भी तैयार हैं।
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