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फसलों की सिंचाई के लिए किसान चिंतित
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बिलावर। एक माह से उपमंडल के इलाकों में बारिश नहीं हुई है। जिसके कारण किसान गेहूं की फसल की पैदावार को लेकर चिंतित हैं। फसलें समय से पहले गर्मी के कारण सूखने लगीं हैं।
क्षेत्र के किसान प्रेमचंद्र, सुभाष सिंह, अजय कुमार और पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि इलाके के 90% से अधिक क्षेत्र में सरकार की ओर से आज तक सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इलाके के ज्यादातर किसान कई प्रकार की फसलों की सिंचाई के लिए केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। किसानों ने कहा कि एक महीना पूर्व इलाके में बारिश हुई थी। जिसके बाद आज तक बारिश नहीं हुई है और गेहूं की फसल पर लगी बालियां सूखने लगीं हैं। किसानों ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश हो जाती है तो गेहूं की फसल की पैदावार अच्छी होने की संभावना है। अगर बारिश नहीं होती है तो पिछली फसल की तरह इस बार भी किसानों को परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं।
किसानों ने बताया कि 23 अक्तूबर 2021 को इलाके में हुई जोरदार ओलावृष्टि से धान की फसल बर्बाद हो गई थी। जिसके बाद सरकार की ओर से फसलों के नुकसान का आकलन भी किया गया था। कहा कि उन्हें आस बंधी थी कि सरकार की ओर से उन्हें कुछ न कुछ सहायता जरूर मिलेगी, लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें आज तक धान की फसल का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने उपराज्यपाल से मांग की है कि जल्द धान की फसल के नुकसान का मुआवजा किसानों को दिया जाए। जिससे इलाके के हजारों किसानों को थोड़ी राहत मिल सके। किसानों ने यह भी मांग की कि जिन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था आज तक नहीं की गई है, उन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था की जाए।
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क्षेत्र के किसान प्रेमचंद्र, सुभाष सिंह, अजय कुमार और पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि इलाके के 90% से अधिक क्षेत्र में सरकार की ओर से आज तक सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इलाके के ज्यादातर किसान कई प्रकार की फसलों की सिंचाई के लिए केवल बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। किसानों ने कहा कि एक महीना पूर्व इलाके में बारिश हुई थी। जिसके बाद आज तक बारिश नहीं हुई है और गेहूं की फसल पर लगी बालियां सूखने लगीं हैं। किसानों ने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर बारिश हो जाती है तो गेहूं की फसल की पैदावार अच्छी होने की संभावना है। अगर बारिश नहीं होती है तो पिछली फसल की तरह इस बार भी किसानों को परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं।
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किसानों ने बताया कि 23 अक्तूबर 2021 को इलाके में हुई जोरदार ओलावृष्टि से धान की फसल बर्बाद हो गई थी। जिसके बाद सरकार की ओर से फसलों के नुकसान का आकलन भी किया गया था। कहा कि उन्हें आस बंधी थी कि सरकार की ओर से उन्हें कुछ न कुछ सहायता जरूर मिलेगी, लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें आज तक धान की फसल का मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने उपराज्यपाल से मांग की है कि जल्द धान की फसल के नुकसान का मुआवजा किसानों को दिया जाए। जिससे इलाके के हजारों किसानों को थोड़ी राहत मिल सके। किसानों ने यह भी मांग की कि जिन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था आज तक नहीं की गई है, उन इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था की जाए।
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