बिलावर। बिलावर कस्बे की कचरा प्रबंधन योजना को लेकर लगातार हो रहे विरोध के बीच शनिवार को मामला और भी तनावपूर्ण हो गया। तहसीलदार बिलावर के नेतृत्व में जैसे ही प्रशासनिक टीम ने वार्ड चार और पांच में चिह्नित कचरा प्रबंधन के लिए काम शुरू करवाने का प्रयास किया ग्रामीण भड़क गए। मौके पर महिलाओं ने टीम का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। परियोजना का काम रोकने का प्रयास करने पर पुलिस ने तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया। उधर, मामले के बाद क्षेत्र में तनाव फैला हुआ है। प्रशासन और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
नगर कमेटी के वार्ड 4 और 5 से करीब 100 मीटर की दूरी पर बनाए जा रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की इमारत का काम शनिवार को दोबारा शुरू कर दिया गया। तहसीलदार बिलावर पंकज शर्मा और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रोजेक्ट का काम शुरू करवाया। जब स्थानीय वार्ड 4 और 5 के लोगों को इस बात की जानकारी लगी तो स्थानीय सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए, जिनमें पुरुष और कई महिला प्रदर्शनकारी शामिल थे। इस दौरान सुरक्षा बलों की ओर से किसी भी प्रदर्शनकारी को प्रोजेक्ट की इमारत के पास नहीं जाने दिया गया। कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने प्रोजेक्ट के पास पहुंचने का प्रयास किया और काम बंद करवाने की कोशिश की जिन्हें पुलिस की ओर से हिरासत में ले लिया गया और तीन महिला प्रदर्शनकारियों को बिलावर पुलिस थाना भेज दिया गया। दोपहर बारह बजे के लगभग शुरू हुआ धरना देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में किसी भी प्रदर्शनकारी को प्रोजेक्ट की इमारत के पास नहीं पहुंचने दिया गया और प्रोजेक्ट की इमारत का काम एक बार फिर शुरू कर दिया गया। इस संबंध में तहसीलदार बिलावर पंकज शर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से एक करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एनओसी जारी की गई है जिसके बाद सरकार की ओर से काम शुरू किया गया है । प्रदर्शनकारियों में पार्षद रमेश कुमार, पार्षद सपना शर्मा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी पार्षदों ने कहा कि उनकी सहमति के बिना उनके वार्ड के पास प्रोजेक्ट का काम शुरू हुआ है, जिसका वह विरोध करते हैं ।