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Kathua News: कथित धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी को मिली सशर्त जमानत
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कथित जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। साथ ही आरोपी को जमानत के लिए 20 हजार निजी मुचलके और समान राशि के जमानती बॉन्ड कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को निर्देश दिया है कि वह जांच में सहयोग करेगा और किसी भी तरीके से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा।
कोर्ट में पुलिस की ओर से दायर रिपोर्ट के अनुसार संजीव कुमार, पुत्र स्वर्ण दास, निवासी धन्नी भरोटियां पर आरोप हो कि वह अन्य कुछ लोगों के साथ मिलकर कथित जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का प्रयास किया गया। मामला बीते 23 अक्टूबर को करीब साढ़े 12 बजे का है, जब एक ग्रुप जखोल के पलाल गांव में घुस कर लोगों को ऑफर देने लगे कि अगर वे हिंदू धर्म से ईसाई धर्म अपनाते है, तो ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा उनकी मदद की जाएगी। अगर वे धर्म परिवर्तन नहीं करते है, तो उनका जबरदस्ती धर्म बदल देंगे। इसका विरोध जब गांव वालों ने किया तो वे गुस्सा हो गए और कुछ लोगों से मारपीट की गई। जिसमें कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई थी। जिससे इलाके में डर और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि आरोपी संजीव को पुलिस ने बीते 6 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोपी के वकील ने 7 नवंबर को अदालत में जमानत दायर कर कहा कि आरोपी निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। कहा कि आरोपी ने ऐसा कोई जुर्म नहीं किया है, जिसके लिए मौत या उम्रकैद की सजा हो या जिस पर स्पेशल जज सुनवाई कर सके। वह कोर्ट की हर शर्त मानने को तैयार है। लिहाज उसे जमानत दी जाए। जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। कहा कि उसका अपराध गंभीर और गैर-जमानती है। अगर आरोपी को जमानत मिलती है तो इससे समाज की शांति भंग हो सकती है। इसलिए आरोपी की जमानत खारिज करने की अपील की गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आवेदक से पांच दिन की कस्टडी में पूछताछ काफी है। इन अपराधों के लिए बहुत सख्त सजा नहीं है। मामले में तीन और लोगों को दूसरी कोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपी को और ज्यादा पुलिस कस्टडी में रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत सुनाई गई।
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कोर्ट में पुलिस की ओर से दायर रिपोर्ट के अनुसार संजीव कुमार, पुत्र स्वर्ण दास, निवासी धन्नी भरोटियां पर आरोप हो कि वह अन्य कुछ लोगों के साथ मिलकर कथित जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का प्रयास किया गया। मामला बीते 23 अक्टूबर को करीब साढ़े 12 बजे का है, जब एक ग्रुप जखोल के पलाल गांव में घुस कर लोगों को ऑफर देने लगे कि अगर वे हिंदू धर्म से ईसाई धर्म अपनाते है, तो ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा उनकी मदद की जाएगी। अगर वे धर्म परिवर्तन नहीं करते है, तो उनका जबरदस्ती धर्म बदल देंगे। इसका विरोध जब गांव वालों ने किया तो वे गुस्सा हो गए और कुछ लोगों से मारपीट की गई। जिसमें कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई थी। जिससे इलाके में डर और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि आरोपी संजीव को पुलिस ने बीते 6 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोपी के वकील ने 7 नवंबर को अदालत में जमानत दायर कर कहा कि आरोपी निर्दोष है और पुलिस ने उसे झूठे मामले में फंसाया है। कहा कि आरोपी ने ऐसा कोई जुर्म नहीं किया है, जिसके लिए मौत या उम्रकैद की सजा हो या जिस पर स्पेशल जज सुनवाई कर सके। वह कोर्ट की हर शर्त मानने को तैयार है। लिहाज उसे जमानत दी जाए। जिसका अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। कहा कि उसका अपराध गंभीर और गैर-जमानती है। अगर आरोपी को जमानत मिलती है तो इससे समाज की शांति भंग हो सकती है। इसलिए आरोपी की जमानत खारिज करने की अपील की गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आवेदक से पांच दिन की कस्टडी में पूछताछ काफी है। इन अपराधों के लिए बहुत सख्त सजा नहीं है। मामले में तीन और लोगों को दूसरी कोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपी को और ज्यादा पुलिस कस्टडी में रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सशर्त जमानत सुनाई गई।
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